हम कश्मीर पर केंद्र से आश्वासन चाहते हैं : उमर

0
70

श्रीनगर : जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को यहां कहा कि यह जानने के लिए उन्होंने राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मुलाकात की कि राज्य में क्या चल रहा है और अगर अफवाहें आधारहीन हैं, तो उन्हें फैलाने वालों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

यहां राज्यपाल मलिक से मुलाकात के बाद उमर ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, हम जम्मू एवं कश्मीर की वर्तमान स्थिति के बारे में जानना चाहते थे। हमने जब अधिकारियों से पूछा तो उन्होंने कहा कि कुछ हो रहा है, लेकिन यह किसी को नहीं पता कि वास्तव में क्या हो रहा है।

उन्होंने कहा कि जब संसद सत्र शुरू हो गया है तो केंद्र को यह बताना चाहिए कि अमरनाथ यात्रा को खत्म करने और पर्यटकों को घाटी से निकालने की क्या जरूरत है। उन्होंने कहा, संसद हमें आश्वस्त करे कि लोगों को डरने की कोई जरूरत नहीं है।

उमर ने कहा कि राज्यपाल से मुलाकात के दौरान उन्होंने उन्हें अनुच्छेद 35ए, अनुच्छेद 370, परिसीमन और यहां तक कि राज्य के विभाजन से संबंधित अफवाहों के बारे में बताया। उन्होंने कहा, राज्यपाल ने हमें आश्वस्त किया कि इन सभी मुद्दों पर किसी भी तरह की घोषणा की कोई तैयारी नहीं की जा रही है।

उन्होंने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर पर अंतिम आश्वासन राज्यपाल नहीं, भारत सरकार दे। उन्होंने कहा, राज्यपाल ने हमें जो सार्वजनिक रूप से बताया, हम उससे ज्यादा भारत सरकार से सुनना चाहते हैं कि लोगों को डरने की कोई जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने जनता से शांति बनाए रखने और इन मुद्दों पर हिंसा फैलाने की घटनाओं को विफल करने की अपील की है।

उन्होंने कहा, नेशनल कॉन्फ्रेंस विशेष दर्जे के साथ राजनीतिक और कानूनी रूप से किसी भी तरह की छेड़छाड़ की अनुमति नहीं देगी। इस समय राज्य में चुनाव कराने और चुनी हुई सरकार द्वारा जनता की समस्याओं को सुलझाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री ने भी यही कहा है और कहा है कि वह कश्मीर में चुनाव चाहते हैं। हम प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद बिल्कुल संतुष्ट थे, लेकिन अमरनाथ यात्रा को निरस्त करने के आदेश से हम स्तब्ध हैं।