हैदराबाद एनकाउंटर की तरह दरिंदों को सजा मिले : उन्नाव पीड़िता के पिता

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उन्नाव : उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता जिंदगी से लड़ते हुए हार गई। पीड़िता की मौत से दुखी पिता ने हैदराबाद एनकाउंटर की तरह दरिदों को सजा मिलने की मांग की है।

पीड़िता के पिता ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुझे किसी धन की लालच नहीं है। मेरी सिर्फ एक ही मांग है कि मेरी बेटी को मौत के बाद इंसाफ मिले। उन्होंने सरकार से एनकाउंटर या तो फांसी की सजा की मांग की। पीड़िता के पिता ने बताया कि आज सफदरजंग अस्पताल में बेटी का पोस्टमार्टम होगा। उसके बाद परिजन उसका शव लेकर उन्नाव लाएंगे।

ज्ञात हो कि शुक्रवार रात 11.40 पर पीड़िता का सफदरजंग अस्पताल में निधन हो गया। इसकी जानकारी पीड़िता की बहन ने दी। अस्पताल के बर्न और प्लास्टिक सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. शलभ कुमार ने पीड़िता के निधन की पुष्टि करते हुए कहा कि रात करीब 11.10 पर पीड़िता के हृदय ने काम करना बंद कर दिया। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और रात 11.40 पर उसका निधन हो गया।

हालांकि 90 प्रतिशत से भी ज्यादा जल चुकी उप्र की इस पीड़िता ने आखिरी वक्त तक भी हार नहीं मानी थी। गुरुवार रात 9 बजे तक वह होश में थी। जब तक होश में थी कहती रही- मुझे जलाने वालों को छोड़ना मत। फिर नींद में चली गई, डक्टरों ने पूरी कोशिश की, वेंटिलेटर पर रखा लेकिन वो नींद से नहीं उठी।

गौरतलब है कि उन्नाव जिले के बिहार थाना क्षेत्र में दुष्कर्म पीड़िता को गुरुवार को ज्वलंत पदार्थ से जलाने का प्रयास किया गया। रायबरेली जाने को सुबह रेलवे स्टेशन जा रही दुष्कर्म पीड़िता युवती को कुछ लोगों ने आग लगा दी और भाग निकले। इसके बाद पास की एक गैस एजेंसी की गोदाम के गार्डो की सूचना पर पहुंची पीआरवी ने उसे सुमेरपुर सीएचसी पहुंचाया जहां से जिला अस्पताल लाया गया। हालत बेहद नाजुक होने के कारण उसको लखनऊ के सिविल हास्पिटल रेफर कर दिया गया। युवती करीब 90 प्रतिशत जल गई थी और उसकी हालत काफी गंभीर थी। उन्नाव में आग के हवाले की गई दुष्कर्म पीड़िता को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल शिफ्ट किया गया। पीड़िता को एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाया जा गया। जहां उसने अंतिम सांस ली। इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।