प्रौद्योगिकी कंपनियों ने क्राइस्टचर्च के आह्वान का समर्थन किया

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सैन फ्रांसिस्को : माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब और आमेजन जैसी दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनियां क्राइस्टचर्च के आह्वान का समर्थन करने के लिए आगे आई हैं। क्राइस्टचर्च का उद्देश्य नौ बिंदुओं की योजना के माध्यम से ऑनलाइन रूप से फैल रहे आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ अभियान छेड़ना है।

प्रौद्योगिकी कंपनियों ने बुधवार को संयुक्त बयान जारी कर कहा, न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में हुए आतंकवादी हमले बहुत बड़ी त्रासदी थे और इसलिए यह सही है कि हम यह प्रतिबद्धता जताएं कि आतंकवादी हमलों को अंजाम देने वाले घृणा और चरमपंथ के खिलाफ लड़ने के लिए हम वह सब कर रहे हैं जो हम कर सकते हैं।

व्हाइट हाउस ने हालांकि घोषणा की है कि वह न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में आतंकवादी हमले की प्रतिक्रिया के जवाब में ऑनलाइन चरमपंथ के खिलाफ कार्रवाई के अंतर्राष्ट्रीय नेताओं के आह्वान का समर्थन नहीं करेगा।

व्हाइट हाउस ने एक बयान जारी कर कहा कि वह फिलहाल इसका समर्थन करने की स्थिति में नहीं है।

न्यूजीलैंड के क्राइस्ट चर्च शहर में दो मस्जिदों पर मार्च में हुए हमलों का फेसबुक पर लाइव स्ट्रीम चलने के बाद फेसबुक ने दावा किया था कि इसके 24 घंटों के अंदर उसने खुद क्राइस्टचर्च हमले के लगभग 15 लाख वीडियो नष्ट किए थे। फेसबुक ने यह भी कहा कि उसने 12 लाख वीडियो को अपलोड होने के बाद प्रतिबंधित कर दिया था, जिसके बाद वे वीडियो यूजर्स नहीं देख पाए होंगे। क्राइस्टचर्च हमलों में 51 लोगों की मौत हो गई थी।

आतंकवाद और चरमपंथ को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फैलने से रोकने के कदमों पर चर्चा के लिए फेसबुक के ग्लोबल अफेयर्स और कम्युनिकेशन के उपाध्यक्ष निक क्लेग ने जी7 सरकार और उद्योग जगत के नेताओं से बुधवार को पेरिस में बैठक की।

फ्रांस के राष्ट्रपति इनैमुएल मैक्रों की अध्यक्षता में हुई बैठक में मैक्रों और न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा एर्डर्न, फेसबुक के साथ-साथ माइक्रोसॉफ्ट, ट्विटर, गूगल और आमेजन ने क्राइस्टचर्च द्वारा कार्रवाई के आवाह्न पर हस्ताक्षर किए।

इसके तहत कंपनियां उन संदर्भो की साझा करेंगे, जिनमें आतंकवाद और हिंसक चरमपंथी कंटेंट प्रकाशित होता है और आतंकवादी और चरमपंथी कंटेंट को और ज्यादा प्रभावशाली तरीके से प्लेटफॉर्म से हटाने के लिए तकनीक विकसित करेंगे।