तमिलनाडु मतदान के लिए तैयार

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चेन्नई : तमिलनाडु में लोकसभा चुनाव के साथ-साथ विधानसभा के उपचुनाव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। प्रदेश की 38 लोकसभा सीटों के लिए चुनाव मैदान में उतरे 822 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करीब 5.8 करोड़ मतदाता करेंगे।

आयकर विभाग की छापेमारी में द्रमुक के एक पदाधिकारी के सीमेंट वेयरहाउस से नकदी बरामद होने के बाद निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को वेल्लोर लोकसभा चुनाव क्षेत्र के लिए मतदान रद्द कर दिया।

यह लोकसभा चुनाव न सिर्फ केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के लिए अहम है, बल्कि प्रदेश की अन्नाद्रमुक सरकार के लिए भी महत्वपूर्ण है।

तमिलनाडु में लोकसभा के साथ-साथ विधानसभा का भी यह एक छोटा चुनाव है, क्योंकि प्रदेश की 22 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में उपचुनाव के लिए मतदान होने जा रहा है।

प्रदेश की 18 विधानसभा सीटों के उपचुनाव के लिए गुरुवार को मतदान होगा, जबकि बाकी चार सीटों के लिए 19 मई को मतदान होगा।

विधानसभा उपचुनाव के लिए कुल 269 उम्मीदवार मैदान में हैं।

लोकसभा चुनाव और 22 सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव के नतीजे 23 मई को घोषित होंगे, जिनसे केंद्र में जहां सत्तासीन भाजपा सरकार के भाग्य का फैसला होगा। वहीं, विधानसभा उपचुनाव के नतीजे से प्रदेश सरकार की भी किस्मत तय होगी।

तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में सत्ताधारी अन्नाद्रमुक के 114 विधायक (विधानसभाध्यक्ष समेत) हैं, जबकि द्रमुक के 88 और कांग्रेस के आठ विधायक हैं। इसके अलावा आईयूएमएल का एक और निर्दलीय एक विधायक है।

द्रमुक अगर 22 सीटें जीतती हैं तो उसके पास कांग्रेस और आईयूएमएल को मिलाकर 119 का आंकड़ा हो जाएगा, जोकि बहुमत से एक अधिक है।

द्रमुक अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने अपने चुनाव अभियान में कहा है कि अगर केंद्र में सरकार बदलेगी तो तमिलनाडु में भी सरकार बदलेगी।

तमिलनाडु में गुरुवार को मतदान सुबह सात बजे शुरू होगा और शाम छह बजे तक चलेगा, लेकिन मदुरै में त्योहार के कारण मतदान रात आठ बजे बंद होगा।