नई दिल्ली : कॉरपोरेट लॉबिस्ट दीपक तलवार के खिलाफ धनशोधन मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं, जिससे पता चला है कि उसने कथित रूप से सिंगापुर की उसकी कंपनी द्वारा प्राप्त राशि का प्रयोग राष्ट्रीय राजधानी में वाणिज्यिक संपत्तियों को खरीदने के लिए किया।

जांच में शामिल एक वरिष्ठ ईडी अधिकारी ने कहा कि 30 जनवरी को उसे यूएई से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद, तलवार ने स्वीकार किया कि उसने विभिन्न बैंक खातों में लगभग 350 करोड़ रुपये प्राप्त किए।

अधिकारी ने कहा कि 200 करोड़ रुपये उसने कथित रूप से उसके सिंगापुर की एक कंपनी के खाते में प्राप्त किए और 90 करोड़ रुपये एडवांटेज इंडिया नाम के एक एनजीओ के खाते में आए।

आयकर विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, तलवार की कंपनियों के बैंक खाते में कतर एयरवेज द्वारा 96 लाख डॉलर, एयर अरबिया द्वारा 98 लाख डॉलर, एक व्यक्ति द्वारा 100.1 लाख डॉलर उसके कंपनी के सिंगापुर बैंक खाते में डाला गया।

ईडी अधिकारी ने कहा कि तलवार ने विदेशी कंपनियों द्वारा प्राप्त धन का प्रयोग दिल्ली में वाणिज्यिक संपत्तियों में निवेश करने में किया।

अधिकारी ने कहा कि एजेंसी ने एक होटल और एक आईटी कंपनी समेत दिल्ली में कई जगहों पर छापे मारे जिससे उत्तरप्रदेश के नोएडा में एक प्राइवेट सर्वर का पता चला।

उन्होंने कहा कि सर्वर की मदद से ईडी ने वित्तीय लेन-देन का पता लगाया, क्योंकि इसमें तलवार द्वारा संचार और ईमेलों की जानकारी थी।

अधिकारी ने हालांकि यह बताने से इनकार कर दिया कि दिल्ली के दो ठिकानों और नोएडा में कब छापे मारे गए।

भारतीय एजेंसियों ने 1,000 करोड़ रुपये से अधिक आय को छुपाने में और संप्रग कार्यकाल के दौरान विमानन अनुबंध की सेवा मुहैया कराने में उसकी भूमिका की जांच शुरू की थी, जिसके बाद वह दुबई भाग गया था।