2018 की पहली मन की बात, PM मोदी ने कहा- अब चेहरा नहीं प्रतिभा देखकर मिलते हैं पद्म पुरस्कार

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Rajpath Desk : प्रधानमंत्री मोदी 40वें ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि यह 2018 की पहली मन की बात है। दो दिन पहले ही गणतंत्र को उत्साह के साथ मनाया। पहली बार ऐसा हुआ कि 10 देशों के मुखिया इस समारोह में उपस्थित रहे। हम सबके लिए दुख की बात है कि कल्पना चावला को इतनी कम उम्र में खो दिया। लेकिन उन्होंने नारी शक्ति को प्रेरणा दी।
यह देखकर काफी खुशी होती है कि भारत में आज महिलाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। वेदों की रिचाओं को गढ़ने में देश की बहुत सारी विदुषियों का योगदान रहा है। हमारे स्कंद पुराण में कहा गया है, ‘दस पुत्रम समा कन्या।’ हमारे समाज में नारी को शक्ति का दर्जा दिया गया है। यह शक्ति परिवार को एकता के सूत्र में बांधती है।
मन की बात में पीएम मोदी ने कहा कि आज हमारी नारी शक्ति आत्मनिर्भर बन रही हैं। छत्तीसगढ़ की आदिवासी महिलाओं ने भी एक मिसाल कायम की है। मुंबई का माटुंगा स्टेशन देश का ऐसा पहला स्टेशन है जहां सारी महिला कर्मचारी हैं। उन्होंने कहा कि वेदों की रिचाओं को गढ़ने में देश की बहुत सारी विदुषियों का योगदान रहा है। हमारे स्कंद पुराण में कहा गया है, ‘दस पुत्रम समा कन्या।’ हमारे समाज में नारी को शक्ति का दर्जा दिया गया है। यह शक्ति परिवार को एकता के सूत्र में बांधती है।
विमेन अचीवर्स पर एक पुस्तक भी तैयार की गई है। ताकि लोग उनके बारे में जानें और प्रेरणा ले सकें। क्षमता बाजपेयी की अगवाई वाली आल वूमन क्रू ने उड़ान भरी। आज नारी हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हम सबके लिए दुख की बात है कि कल्पना चावला को इतनी कम उम्र में खो दिया। लेकिन उन्होंने नारी शक्ति को प्रेरणा दी। यह देखकर काफी खुशी होती है कि भारत में आज महिलाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
मन की बात में पीएम मोदी ने कहा कि इन दिनों पद्म पुरस्कारों के विषय में चर्चा हो रही है। थोड़ा अगर बारीकी से देखें तो आपको गर्व होगा। आपको पता चलेगा कि कैसे-कैसे महान लोग हमारे बीच है। पिछले तीन सालों में पद्म पुरस्कारों की पूरी प्रक्रिया बदल गई है। कोई भी ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। अब चेहरा नहीं प्रतिभा देख कर मिलते हैं पद्म पुरस्कार। अब बहुत सामान्य लोगों को भी पुरस्कार मिल रहे हैं। अब पुरस्कार के लिए व्यक्ति के काम का महत्व बढ़ रहा है।
पीएम मोदी ने मन की बात में पद्म पुरस्कार पाने वालों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सुभाषिनी मिस्त्री ने अस्पताल बनाने के लिए लोगों के घर में बर्तन मांजे, सब्जी बेची। इनके पति की मौत इलाज न मिलने की वजह से हो गई थी। आज इनके अस्पताल में निशुल्क इलाज किया जाता है। लक्ष्मी जी आज भी जंगल में रहती हैं लेकिन उन्होंने 500 हर्बल दवाइयां बनाई हैं। वह लोगोें की सेवा कर रही हैं इसलिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया। अरविंद गुप्ता ने कचरे से बच्चों के लिए खिलौने बनाने में पूरा जीवन खपा दिया। वे देशभर के 3000 स्कूलों में जाकर प्रेरित कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने मन की बात में जन औषधि केंद्र का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि तीन हजार से ज्यादा औषधि केंद्र स्थापित किया जा चुके हैं। इससे दवाईयां तो सस्ती मिल ही रही हैं साथ व्यक्तिगत एंटरप्रोन्यरशिप के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। जन-औषधि केन्द्रों पर मिलने वाली दवाएं बाज़ार में बिकने वाली दवाइयों से लगभग 50-90% तक सस्ती हैं। सस्ती दवाइयां प्रधानमंत्री भारतीय जन-औषधि केन्द्रों,अस्पतालों के ‘अमृत stores’ पर उपलब्ध हैं।
पीएम ने महात्मा गांधी को याद करते हुए कहा, ’30 जनवरी को पूज्य बापू की पुण्य-तिथि है, जिन्होंने हम सभी को एक नया रास्ता दिखाया है। उस दिन हम शहीद दिवस मनाते हैं। अगर हम संकल्प करें कि बापू के रास्ते पर चलें जितना चल सके, चलें- तो उससे बड़ी श्रद्धांजलि क्या हो सकती है?’
बता दें कि मन की बात का रेडियो के अलावा सभी न्यूज चैनल पर इसका प्रसारण किया जाता है। रेडियो के अन्य स्टेशनों पर इसका स्थानीय भाषाओं में प्रसारण किया जाता है, जिसे पीएम की बातों को सारी जनता आसानी से समझ सके। कार्यक्रम आकाशवाणी और दूरदर्शन के समूचे नेटवर्क पर प्रसारित किया जाता है। प्रधानमंत्री कार्यालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय तथा दूरदर्शन समाचार के यू-ट्यूब चैनलों पर भी यह उपलब्‍ध होता है।
पीएम के मन की बात में आम जनता भी अपने विचार और सुझावों को साझा करते हैं। देशभर से लोग अपने विचार को पीएम को भेजते हैं। प्रधानमंत्री लोगों से सीधी संवाद स्थापित करते हैं। गौरतलब है कि अपनी आखिरी मन की बात में पीएम ने महिलाओं के मुद्दे को उठाया था इसके साथ पीएम ने क्रिसमस और नए साल के देशवासियों को बधाई दी थी।