मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने जवाब मांगा

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नई दिल्ली : सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को केंद्र, केंद्रीय वक्फ परिषद और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश की मांग वाली याचिका पर जवाब मांगा।

न्यायाधीश एस. ए. बोबडे और न्यायाधीश एस. अब्दुल नजीर की पीठ ने पूछा कि क्या संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत मिले समानता के अधिकार की गारंटी का किसी व्यक्ति द्वारा दूसरे के खिलाफ इस्तेमाल किया जा सकता है। अदालत ने विदेशों में मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश पर प्रचलित प्रथाओं के बारे में पूछा है।

अदालत ने कहा कि वह सबरीमाला मामले में अपने फैसले के प्रकाश में इस मुद्दे की समीक्षा करेगी जहां 10 से 50 वर्ष की आयु की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दी गई है।

याचिकाकर्ता यासमीन जुबेर अहमद पीरजादा की ओर से पेश वकील आशुतोष दूबे ने कहा कि मक्का में महिलाओं को अनुमति दी जाती है, इस पर न्यायाधीश नजीर ने कहा कि पुरुषों और महिलाओं का समूह अलग-अलग होता है।