प्रज्ञा की उम्मीदवारी भगवा आतंक शब्द के खिलाफ सत्याग्रह : शाह

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नई दिल्ली:भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को भोपाल सीट से पार्टी उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर की उम्मीदवारी का बचाव किया और कहा कि भगवा आतंक के फर्जी मामले के खिलाफ यह एक सत्याग्रह था। उन्होंने कहा कि कारण बताओ नोटिस पर उनके जवाब के बाद पार्टी उचित कार्रवाई करेगी।

शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, प्रज्ञा ठाकुर की उम्मीदवारी भगवा आतंक के एक फर्जी मामले के खिलाफ एक सत्याग्रह है। तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने वोटबैंक की राजनीति के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता किया था। उनकी उम्मीदवारी इसके खिलाफ एक सत्याग्रह था।

शाह ने हिंदू संस्कृति को बदनाम करने का कांग्रेस पर आरोप लगाया और इस मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से माफी की मांग की।

उन्होंने कहा, भगवा आतंक का एक फर्जी मामला बनाया गया, जिसके सभी आरोपी बरी हो चुके हैं। अदालत तक ने कहा है कि भगवा आतंक कल्पना था। समझौता एक्सप्रेस मामले में पहले जो कुछ लोग गिरफ्तार किए गए थे, वे लश्कर से संबंधित थे। अमेरिकी एजेंसियों ने भी इसका समर्थन किया।

उन्होंने सवाल किया, राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ किसने समझौता किया? इसके लिए कौन जिम्मेदार था? इस घटना ने हिंदू संस्कृति को बदनाम किया। कांग्रेस अध्यक्ष को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि पार्टी ने प्रज्ञा ठाकुर को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया है और 10 दिनों के भीतर उनसे जवाब मांगा है।

इसके पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वह प्रज्ञा सिंह ठाकुर और अन्य को महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहने के लिए कभी माफ नहीं करेंगे।

उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले गुरुवार को प्रज्ञा ठाकुर ने भोपाल में संवाददाताओं से कहा था, नाथूराम गोडसे देशभक्त थे, हैं और रहेंगे। जो लोग उन्हें आतंकवादी कहते हैं, वे अपने गिरेबान में झांक कर देखें। ऐसे लोगों को इस चुनाव में सबक मिल जाएगा।

प्रज्ञा का बयान वायरल हो गया। इसके बाद भाजपा के दो सांसदों -केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े और नलिन कुमार कतील- ने प्रज्ञा के बयान का समर्थन किया। ठाकुर के अलावा हेगड़े और कतील को भी पार्टी की अनुशासन समिति ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।