सुप्रीमकोर्ट के फैसले से पहले शाहीन बाग में मांगी गई दुआएं

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नई दिल्ली : नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ शाहीनबाग में सोमवार को लगातार 65वें दिन प्रदर्शन जारी है। सोमवार का दिन शाहीन बाग के लिए अहम है, क्योंकि सभी की निगाहें सुप्रीमकोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं।

शाहीन बाग में जिस सड़क पर प्रदर्शन हो रहा है, उसे खाली कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गई हैं। याचिकाओं में विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए केंद्र सरकार और संबंधित जिम्मेदारों को निर्देश दिए जाने की मांग की गई है। इसके पहले 10 फरवरी को भी इन याचिकाओं पर सुनवाई हुई थी, जिसके बाद कोर्ट ने सरकार और पुलिस को प्रदर्शन को लेकर नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

सुप्रीमकोर्ट ने टिप्पणी की थी कि प्रदर्शन लंबे वक्त से जारी है, इसके लिए आम रास्ते को अनिश्चितकाल के लिए कैसे बंद कर सकते हैं। लोगों को आंदोलन करने का अधिकार है, लेकिन इससे किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

कोर्ट ने कहा था कि प्रदर्शन निर्धारित स्थान पर ही किया जाना चाहिए। इस मामले में दूसरे पक्ष को सुनना भी जरूरी है। इसलिए तुरंत कोई आदेश जारी नहीं करेंगे। कोर्ट ने इस मामले में भी केंद्र और दिल्ली सरकार के साथ दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था।

आज शाहीनबाग में सुनवाई को लेकर सुबह प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने फैसले से पहले दुआएं मांगी और दुआओं में यही सुनाई दे रहा था कि हमारे हक में फैसला आए, हमसे हमारा हिंदुस्तान कोई न छीने, हमारे घर हमसे कोई ना छीने। साफ जाहिर है कि आज प्रदर्शन कर रही महिलाओं के लिए बहुत अहम दिन है। दुआएं मांगते वक्त वहां मौजूद सभी महिलाओं की आंखें नम हो गईं।