ममता का इस्तीफे का प्रस्ताव एक ड्रामा : मुकुल रॉय

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कोलकाता भाजपा नेता मुकुल रॉय ने रविवार को कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पद से इस्तीफे की इच्छा और कुछ नहीं बल्कि अखबार की सुर्खियां बटोरने के लिए किया गया एक ड्रामा और खुला झूठ है। उन्होंने कहा कि तृणमूल नेता तब तक पद से नहीं हटेंगी जब तक जनता उन्हें हटा नहीं देगी।

लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में भाजपा के हाथों झटका खाने के बाद ममता ने शनिवार को पार्टी बैठक में पद से इस्तीफे का प्रस्ताव रखा लेकिन कहा कि उनके फैसले पर पार्टी नेताओं ने मुहर नहीं लगाई।

रॉय ने कहा, हमने कल (शनिवार को) एक ड्रामा देखा। अखबार की सुर्खियां बटोरने के लिए उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना चाहती हैं। सच यह है कि उन्होंने शायद खुद ही इस्तीफा लिखकर खुद को ही दिया और खुद ही उसे नामंजूर कर दिया।

उन्होंने कहा, ममता बनर्जी कभी इस्तीफा नहीं देंगी। वह कभी भी सत्ता के लोभ का त्याग नहीं कर सकतीं। मैं आपको यह बात लिखकर दे सकता हूं। वह तब तक इस्तीफा नहीं देंगी जब तक लोग अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें कूड़ेदान में नहीं फेंक देंगे।

कभी ममता के सर्वाधिक विश्वासपात्र रहे मुकुल रॉय ने अल्पसंख्यकों की गाय से तुलना करने के लिए ममता पर अल्पसंख्यकों के अपमान का आरोप लगाया और कहा कि ऐसे बयान मुसलमानों के प्रति उनके तिरस्कारपूर्ण रवैये को दिखाते हैं।

उन्होंने कहा, क्या उन्होंने मुस्लिम समुदाय की तुलना गाय से की है? उन्हें स्पष्ट करना चाहिए। उनके बयान से दिख रहा है कि वह अल्पसंख्यक समुदाय को गाय की तरह लेती हैं और उनका इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करती हैं। इस समुदाय के लिए यही उनकी मानसिकता है।

शनिवार को ममता बनर्जी ने विवादास्पद बयान दिया था कि वह इफ्तार पार्टी में जाना जारी रखेंगी भले ही विपक्ष उन पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगाए। उन्होंने एक बांग्ला कहावत का जिक्र किया कि जो गाए दूध दे, उसकी लात खाने के लिए तैयार रहो।