महाराष्ट्र : तीसरे चरण में 14 सीटों पर कद्दावर दावेदार

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Washim: People stand in queue to cast vote for Lok Sabha election at a polling station, in Washim, Maharashtra, on April 11, 2019. (Photo: IANS/PIB)

मुंबई : लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में 23 अप्रैल को होने वाले मतदान में महाराष्ट्र की 14 सीटों पर राजनीतिक दलों के कद्दावरों ने अपनी दावेदारी पेश की है जिनमें प्रमुख राजनेताओं के परिवार के सदस्य और बागी प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।

महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से 17 पर पहले और दूसरे चरणों में क्रमश: 11 अप्रैल और 18 अप्रैल को हुए मतदान में प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद हो चुकी है।

तीसरे चरण में मंगलवार को जिन 14 लोकसभा क्षेत्रों में मतदान होगा उनमें जलगांव, रावेर, जालना, औरंगाबाद, रायगढ़, पुणे, बारामती, अहमदनगर, माधा, सांगली, सतारा, रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर और हातकणंगले शामिल हैं।

प्रदेश में मुख्य रूप से मुकाबला सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी-शिवसेना गठबंधन और विपक्षी दल कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) गठबंधन के बीच है।

इसके अलावा वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए), प्रकाश अंबेडकर की पार्टी भारिपा बहुजन महासंघ (बीबीएम) और ओवैसी बंधु की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन वाले दलित-मुस्लिम मोर्चा चुनावी दौड़ में शामिल हैं।

प्रदेश में पवार, मोहिते-पाटील और दिवंगत वसंतराव दादा पाटील के परिवार जैसे राजनीतिक घरानों का राजनीतिक भविष्य 23 अप्रैल को तय होगा। सत्ताधारी भाजपा उनके वर्चस्व को समाप्त करने की कोशश में जुटी हुई है।

इन 14 सीटों में से नौ सीटों पर 2014 में भाजपा-शिवसेना ने जीत दर्ज की थी जबकि चार सीटें राकांपा और एक सीटें शेतकरी स्वाभिमान संगठन की झोली में गई थीं।

महाराष्ट्र में 23 अप्रैल को जिन 14 संसदीय लोकसभा क्षेत्रों पर मतदान होगा उन पर एक नजर :

जलगांव : उत्तर महाराष्ट्र स्थित जलगांव लोकसभा सीट पर 1999 से भाजपा का दबदबा रहा है, लेकिन पार्टी ने यहां दोबारा चुनाव जीत चुके अपने वर्तमान सांसद ए. टी. नाना पाटील को हटाकर भाजपा प्रदेश महिला विंग की अध्यक्ष स्मिता उदय वाघ को प्रत्याशी बनाया है जो राकांपा के गुलाब राव देवकर को चुनौती देंगी। देवकर को कांग्रेस समेत 56 दलों के महागठबंधन और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) का समर्थन मिल रहा है, जबकि वाघ को भाजपा में पाटील के समर्थकों सहित शिवसेना के लोगों की नाराजगी भी झेलनी पड़ सकती है।

जलगांव में कुल 17,05,933 मतदाता हैं जिनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 9,09,027 और महिला मतदाताओं की तादाद 7,98,906 है।

रावेर : रावेर में भाजपा ने रक्षा निखिल खडसे को दोबारा कांग्रेस के उल्हास पाटील के खिलाफ चुनाव मैदान में उतारा है। रक्षा खडसे भाजपा नेता एकनाथ खडसे की पुत्रवधु हैं जिनको भ्रष्टाचार के आरोप के बाद 2015 में प्रदेश मंत्रिमंडल छोड़ना पड़ा था।

इस संसदीय क्षेत्र में कुल 15,93,370 मतदाता हैं जिनमें 8,42,682 पुरुष और 7,50,688 महिला शामिल हैं।

जालना : यह संसदीय क्षेत्र भी भाजपा का गढ़ रहा है जहां से 1999 से सांसद रहे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रावसाहेब दानवे पाटील को कांग्रेस के विलास के. औताडे से चुनौती मिल रही है, हालांकि आशावादी भाजपा कार्यकर्ताओं का दावा है कि जालना में कोई चुनौती नहीं है।

यहां कुल 16,12,054 मतदाता हैं जिनमें 8,66,726 पुरुष और 7,45,328 महिला हैं।

औरंगाबाद : मुस्लिम आबादी बहुल इस क्षेत्र से चंद्रकांत खरे चार बार से सांसद रहे हैं। पांचवीं बार चुनावी दौड़ में शामिल खरे को सेना के बागी विधायक हर्षवर्धन जाधव (भाजपा प्रमुख रावसाहेग दानवे पाटील के दामाद), कांग्रेस के कद्दावर विधान पार्षद सुभाष झांबड और वीबीए-एआईएमआईएम के इम्तियाज जलील से कड़ी चुनौती मिल सकती है।

इस क्षेत्र में कुल 15,89,393 मतदाता हैं जिनमें 8,46,023 पुरुष और 7,43,370 महिला शामिल हैं।

रायगढ़ : शिवसेना नेता व केंद्रीय मंत्री अनंत गीते तीसरी बार इस सीट पर चुनाव जीतने की तैयारी में हैं उनको राकांपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे से चुनौती मिल रही है। तटकरे कांग्रेस और महागठबंधन का समर्थन मिलने का दावा कर रहे हैं।

इस क्षेत्र में कुल 15,32,781 मतदाता हैं, जिनमें 7,52,491 पुरुष और 7,80,290 महिलाएं हैं।

पुणे : भाजपा ने इस सीट से वर्तमान सांसद अनिल शिरोले को हटाकर प्रदेश के मंत्री गिरीश बापट को चुनाव मैदान में उतारा है, जिनको कांग्रेस महासचिव मोहन जोशी से चुनौती मिल रही है।

यहां कुल 18,35,836 मतदाता हैं जिनमें 9,49,567 पुरुष और 8,86,269 महिला मतदाता शामिल हैं।

बारामती : शरद पवार बारामती से सात बार सांसद रह चुके हें और एक बार अजित पवार यहां से सांसद रहे हैं। शरद पवार की पुत्री और राकांपा की सुप्रिया सुले तीसरी बार चुनाव मैदान में हैं और उनके विरुद्ध भाजपा ने कांचन कुल को उतारा है।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अपने कार्यकर्ताओं से पवार घराने को जड़ से उखाड़ फेंकने को कहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके खिलाफ तेज हमला बोला है।

इस क्षेत्र में कुल 18,13,543 मतदाता हैं जिनमें 9,60,387 पुरुष और 8,53,156 महिलाएं हैं।

अहमदनगर : विखे पाटील परिवार का गढ़ रहे इस संसदीय क्षेत्र में 1952 से ही कांग्रेस का दबदबा रहा है। यह क्षेत्र पिछले महीने उस समय चर्चा में आया जब कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र में नेता प्रतिपक्ष राधाकृष्ण विखे पाटील के पुत्र डॉक्टर सुजय ने अचानक कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थामा।

राकांपा के अहमदनगर सीट नहीं छोड़ने से वह नाराज थे। भाजपा ने उनको तुरंत टिकट दे दिया। अब वह राकांपा के संग्राम जगताप के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं।

इस क्षेत्र में कुल 16,99,408 मतदाता हैं जिनमें 8,98,819 पुरुष और 8,00,589 महिला शामिल हैं।

माधा : राकांपा ने यहां वर्तमान सांसद और पार्टी के कद्दावर नेता विजयसिंह मोहिते पाटील को उम्मीदवार नहीं बनाया और उनके पुत्र रंजीतसिंह मोहिते पाटील को भी टिकट देने से मना कर दिया जिसके बाद वह भाजपा में चले गए। हालांकि भाजपा ने राजघराने के रंजीत सिंह नाइक निंबालकर को टिकट दिया जो हाल ही में कांग्रेस छोड़कर आए हैं।

नाइक निंबालकर का यहां राकांपा उम्मीदवार संजय शिंदे से मुकाबला है जो मोहित पाटील परिवार के धुर विरोधी हैं।

इस क्षेत्र में कुल 17,27,308 मतदाता हैं जिनमें 9,12,736 पुरुष और 8,14,572 महिला मतदाता हैं।

सांगली : इस संसदीय क्षेत्र में दिवंगत वसंतराव पाटील के पौत्र विशाल प्रकाश बाप पाटील शिवसेना के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। उनके खिलाफ भाजपा के वर्तमान सांसद संजय काका पाटील चुनाव मैदान में हैं।

इस क्षेत्र में कुल 16,49,107 मतदाता हैं जिनमें 8,61,582 पुरुष और 7,87,525 महिलाएं हैं।

सतारा : सतारा में राकांपा के दो बार सांसद रह चुके उदयनराजे पी. भोसले चुनाव मैदान में हैं जो छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज हैं। उनका मुकाबला यहां भाजपा के नरेंद्र अन्नासाहेब पाटील से है, जो पूर्व शिव सैनिक रहे हैं।

इस क्षेत्र में कुल 17,19,998 मतदाता हैं जिनमें 8,84,020 पुरुष और 8,35,978 महिलाएं हैं।

रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग : पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे और उनके परिवार का गढ़ रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग लोकसभा क्षेत्र में उनके पुत्र नीलेश राणे ने 2009 में केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु को शिकस्त दी थी।

निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे नीलेश राणे का यहां इस बार मुकाबला कांग्रेस के नवीनचंद्र बांदिवडेकर है।

इस क्षेत्र में कुल 13,67,361 मतदाता हैं जिनमें 6,65,668 पुरुष और 7,01,693 महिलाएं हैं।

कोल्हापुर : यह क्षेत्र राकांपा का गढ़ रहा है। यहां पिछली बार 2014 में धनंजय महादिक ने सेना उम्मीदवार सदाशिव राव मांडलिक को शिकस्त दी थी। इस बार भी दोनों एक दूसरे के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं।

इस क्षेत्र में कुल 17,58,300 मतदाता हैं जिनमें पुरुष 9,09,326 और महिला मतदाता 8,48,974 हैं।

हातकणंगले : दो बार सांसद रहे स्वाभिमान शेतकरी संगठन नेता राजू शेट्टी पहले राजग में थे, लेकिन इस बार कांग्रेस-राकांपा की अगुवाई वाले महागठबंधन में हैं। यहां उनका मुकाबला शिवसेना के धर्यशील माने से हैं, जो राकांपा सांसद निवेदिता माने के पुत्र हैं।

यहां कुल 16,30,598 मतदाता हैं जिनमें 8,50,574 पुरुष और 7,80,024 महिला मतदाता हैं।