भाजपा ने जगन का समर्थन पाने को पर्दे के पीछे बात शुरू की

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हैदराबाद (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुनाव के बाद की तैयारी शुरू कर दी है। उसे लगता लगता है कि त्रिशंकु संसद की स्थिति में उसे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से बाहर की पार्टियों के सहयोग की जरूरत पड़ सकती है, और इसीलिए उसने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी से पर्दे के पीछे बातचीत करना शुरू कर दी है।

कहा जा रहा है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी से पर्दे के पीछे बातचीत शुरू कर दी है। उम्मीद है कि उनकी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआर सीपी) आंध्रप्रदेश में 25 लोकसभा सीटें जीत सकती है।

सूत्रों के अनुसार, बातचीत के दौरान जगन की राज्य को विशेष श्रेणी दर्जा (एससीएस) देने की मांग शीर्ष पर है। उनकी अन्य मांगों में दिल्ली द्वारा राज्य को दी जाने वाली वित्तीय सहायता और केंद्र में वाईएसआर सीपी के मंत्रियों को शामिल किया जाना हो सकता है।

हालांकि पर्दे के पीछे से बातचीत करने के मामले में वाईएसआर सीपी के नेतृत्व की ओर से कोई पुष्टि नहीं हुई है, पार्टी नेताओं का कहना है कि उन्हें जगन और शाह के बीच किसी बातचीत की जानकारी नहीं है।

29 अप्रैल से शुरू हुए अंतिम चौथे चरणों के चुनाव को भाजपा के लिए असली चुनाव बताया जा रहा है। इन चरणों के अंतर्गत 240 सीटें हैं, जिसमें भाजपा ने 2014 के चुनाव 160 से ज्यादा सीटें जीती थीं।

अगर इन महत्वपूर्ण चरणों में चीजें भाजपा के पक्ष में नहीं बदलीं तो भाजपा अन्य से समर्थन प्राप्त करने के बारे में सोच सकती है, खासकर जगन जैसे नेता से समर्थन लेने के बारे में सोच सकती है।

भाजपा नेताओं का हालांकि मानना है कि जगन द्वारा समर्थन के लिए पूर्व शर्त के तौर पर रखी गई कुछ मांगों को पूरा करना बहुत मुश्किल है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा मंगलवार को 947 करोड़ रुपये बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में वाईएसआर सीपी नेता और उद्योगपति के. रघु रामकृष्ण राजू पर छापे इस पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हैं। भाजपा अप्रत्यक्ष रूप से जगन को संदेश देना चाहती है।

यह सर्वविदित है कि तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के राजग से बाहर निकलने के बाद भाजपा और वाईएसआर सीपी के संबंध अच्छे हो गए हैं।

तेदेपा प्रमुख और राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने लगातार अपनी रैलियों में जगन पर भाजपा और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के साथ गुप्त समझौते की बात कहकर निशाना साधते रहे हैं। तेदेपा प्रमुख ने दावा किया है कि वाईएसआर सीपी नेता ने भ्रष्टाचार के आरोप में खुद को बचाने के लिए राज्य के हितों के साथ समझौता किया है।

वहीं जगन ने केसीआर की पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति के साथ खुद की दोस्ती का बचाव करते हुए एक रैली में कहा था, इसमें क्या गलत है अगर मैं टीआरएस के साथ हूं? वे विशेष राज्य का दर्जा देने की हमारी मांग का समर्थन करते हैं।

जगन ने अल्पसंख्यकों के वोट खोने के डर से भाजपा के साथ अपनी दोस्ती के बचाव में ऐसा कुछ नहीं कहा है। हालांकि उन्होंने मोदी की कुछ शिकायतों के साथ प्रशंसा भी की है। अपनी शिकायत में उन्होंने कहा है कि मोदी ने विशेष राज्य का दर्जा नहीं देकर राज्य के साथ अन्याय किया है।

यह महसूस करते हुए कि उनकी पार्टी आंध्र में कमजोर चुनौती पेश कर रही है, मोदी और शाह दोनों ने कई रैलियों में नायडू पर तो निशाना साधा, लेकिन जगन की आलोचना से बचते रहे।

वीईएसआर सीपी के नेता भी लगातार यही कह रहे हैं कि वह त्रिशंकु संसद देखना चाहते हैं, ताकि राज्य को केंद्र से बेहतर डील करने का मौका मिल सके। उन्होंने कई मौकों पर भी कहा है कि उनकी पार्टी उन्हीं को समर्थन देगी जो राज्य को विशेष दर्जा देने पर सहमति जताएगा।

वर्ष 2014 में वाईएसआर सीपी ने आंध्रप्रदेश में लोकसभा की आठ सीटों पर कब्जा जमाया था, जबकि तेदेपा ने 15 सीटों और तब उसकी सहयोगी भाजपा ने दो सीटों पर कब्जा जमाया था।

इस बार जगन की पार्टी 20-22 सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए प्रतिबद्ध है, त्रिशंकु संसद की स्थिति में यह संख्या बड़ी भूमिका निभा सकती है।