खड़गे ने लोकपाल चयन समिति की बैठक का न्योता ठुकराया

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नई दिल्ली : कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकपाल चयन समिति की बैठक में शामिल होने की सरकार की पेशकश शुक्रवार को ठुकरा दी और कहा कि बैठक में विशेष आमंत्रित सदस्य के भाग लेने का प्रावधान ही नहीं है।

खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में कहा है, चूंकि लोकपाल अधिनियम-2013 के अनुच्छेद 4 के तहत बतौर विशेष आमंत्रित सदस्य, लोकपाल चयन समिति का हिस्सा बनने और बैठक में भाग लेने का प्रावधान ही नहीं है, मैं एक बार फिर इस आमंत्रण को ससम्मान अस्वीकार करने के लिए बाध्य हूं।

उन्होंने प्रशिक्षण एवं कार्मिक विभाग द्वारा आमंत्रण भेजे जाने के बाद 14 मार्च को पत्र लिखा है।

विपक्षी नेता ने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि चयन समिति की पिछली बैठकों में बतौर विशेष आमंत्रित सदस्य भाग लेने से उनके मना करने को एक कारण बताकर लोकपाल नियुक्त नहीं कर रही है।

खड़गे ने चयन समिति की बैठक में शामिल होने से सातवीं बार इनकार किया है।

उन्होंने पत्र में लिखा है, सरकार ने वर्ष 2014 से अब तक लोकपाल अधिनियम में विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी के नेता को चयन समिति का सदस्य बनाए जाने का प्रावधान जोड़ने के लिए कोई प्रयास नहीं किया है।

खड़गे ने कहा कि विशेष आमंत्रित सदस्य को लोकपाल के चयन की प्रक्रिया में भागीदारी करने का कोई अधिकार नहीं है। यही वजह है कि वह ऐसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया के दौरान विपक्ष का मुंह बंद किया जाना स्वीकार नहीं कर सकते।

लोकपाल चयन समिति की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई (सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश) हैं। इस समिति में बतौर सदस्य न्यायमूर्ति सखाराम सिंह यादव (इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश), रणजीत कुमार (पूर्व महान्यायवादी), अरुं धति भट्टाचार्य (एसबीआई की पूर्व मुख्य प्रबंध निदेशक), डॉ. ललित कुमार पंवार (पूर्व सचिव), शब्बीरहुसैन एस. खंडवावाला (गुजरात के सेवानिवृत्त महानिदेशक), ए. सूर्य प्रकाश (प्रसार भारती के अध्यक्ष) और डॉ. ए.एस. किरण कुमार (इसरो के पूर्व अध्यक्ष) को शामिल किया गया है।