व्यय विभाग के समूह ए, बी के कर्मियों का जून का वेतन रुका

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नई दिल्ली : सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) द्वारा लेखानुदान में किए गए प्रावधानों का एक-तिहाई से अधिक खर्च कर देने के कारण वित्त मंत्रालय को व्यय विभाग के समूह ए और बी के कर्मचारियों का जून माह का वेतन जुलाई के लिए टालना पड़ा है, जब तक कि पूर्ण बजट में उन कर्मचारियों के लिए प्रावधान नहीं कर दिया जाता।

व्यय विभाग के एक आधिकारिक ज्ञापन में कहा गया है, पीएफएमएस द्वार, लेखानुदान में किए गए प्रावधान का एक-तिहाई अधिक खर्च कर दिए जाने के कारण धन की कमी हो गई है। खर्च को लेखानुदान की सीमा के अंदर बनाए रखने के क्रम में सचिव (व्यय) ने सीजीए कार्यालय और पीएफएमएस कार्यालय में कार्यरत सिर्फ समूह सी के कर्मचारियों का जून, 2019 का वेतन भुगतान करने का निर्णय लिया है। महालेखा नियंत्रक (सीजीए) व्यय विभाग का हिस्सा है।

ज्ञापन में कहा गया है, समूह ए और समूह बी के अधिकारियों का वेतन भुगतान संसद द्वारा पूर्ण बजट के प्रावधान उपलब्ध कराए जाने के बाद ही हो सकता है।

सरकार ने पहली फरवरी को अप्रैल-जुलाई 2019 के लिए 34.17 लाख करोड़ रुपये व्यय के लिए लेखानुदान की मांग की थी। तत्कालीन वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट में 2019-20 के लिए 97.43 लाख करोड़ रुपये से अधिक कुल सकल व्यय पेश किया था और संसद से मंजूरी मांगी थी, जिसे अप्रैल से जुलाई 2019 तक खर्च होना था।

संसद में पेश लेखानुदान 2019-20 में कहा गया है, 2019-20 के लिए कुल सकल व्यय 97,43,039.70 करोड़ रुपये है। इस जरूरत के मुकाबले ऑन अकाउंट मांगी गई राशि 34,17,295.38 करोड़ रुपये है।