विडंबना ! इस वजह से यहां बेटियों की नहीं हो रही शादी, 3 लाख किसान परेशान, नहीं हो रहा कोई समाधान

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BIHAR : सूबे के गोपालगंज जिले में सासामुसा मिल हादसे के बाद गोपालगंज की एक और चीनी मिल पूरी तरह बंद हो गई। मिल को चालू कराने गन्ना विभाग और सरकार द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसकी वजह से चार चीनी मिल में से सिर्फ दो ही चालू है।
आजादी के पहले से बना कुचायकोट का सासामुसा सुगर मिल अब पूरी तरह बंद हो चुका है। यहां गन्ने की पेराई बीते 21 दिसम्बर से बंद है। चीनी बनाने के दौरान यहां बायलर पाइप फट गई थी जिसमें 9 मजदूरों की मौत हो गयी थी।
मिल में चीनी का उत्पादन ठप हो गया है। जिसकी वजह से गोपालगंज के पश्चिमी इलाके के करीब 3 लाख किसान प्रभावित हुए है। यहां किसानों के खेतों में पड़ी गन्ने की फसल सूखने लगी है। जबकि किसान अब आर्थिक बदहाली से जूझ रहे है।
40 दिन बाद भी मिल को दुरुस्त कर चालू नहीं करवाया गया। राजद किसान प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह के मुताबिक इस इलाके के करीब 3 लाख किसान प्रभावित है। गन्ना किसान आर्थिक बदहाली से जूझ रहे है। किसानों के घर में पैसे के अभाव में बेटियों की शादी नहीं हो पा रही है। जबकि पीएम और सीएम ने चुनाव के दौरान जिले में हथुआ के बंद पड़े चीनी मिल को चालू करने का आश्वासन दिया था। लेकिन अब जिले की एक और चालू मिल बंद हो गयी है।
हालांकि, बीते माह डीएम राहुल कुमार सहित पटना से आये पदाधिकारियों ने इस मिल का निरीक्षण किया था। तब डीएम ने कहा था कि इस मिल से प्रभावित किसानों को गोपालगंज के दूसरे दो चीनी मिलों से टैग कर दिया गया है। यानी इस इलाके के किसान गोपालगंज और सिधवलिया के चीनी मिल में अपनी गन्ने की फसल दे सकेंगे। वही डीएम ने यह भी कहा था की पटना से आयी अधिकारिओ की टीम मिला का जायजा लेकर इसे दोबारा चालू करने की दिशा में विभाग को रिपोर्ट सौपेंगी।