चुनाव की घोषणा के बाद आंध्र में आयकर विभाग के छापे बढ़े

0
3

अमरावती : लोकसभा चुनावों की 10 मार्च को घोषणा होने के बाद से आंध्र प्रदेश में तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के नेताओं पर आयकर विभाग ने कई छापे मारे हैं।

आयकर विभाग ने 3 अप्रैल को तेदेपा नेता और तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ट्रस्ट बोर्ड के अध्यक्ष पुत्ता सुधाकर यादव के कडपा जिले के परोद्दातुर स्थित घर पर छापे मारे। यादव ने कहा कि पांच घंटे की तलाशी के आयकर अधिकारियों को कुछ नहीं मिला।

आयकर विभाग ने तेदेपा के राज्यसभा सदस्य सी. एम. रमेश के घर पर 5 अप्रैल को छापे मारे।

तेदेपा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एन. चन्द्रबाबू नायडू के करीबी सहयोगी रमेश ने कहा कि आयकर अधिकारियों को उनके घर से कुछ नहीं मिला।

रमेश के व्यावसायित ठिकानों पर भी कुछ महीने पहले छापा पड़ा था। उन्होंने कहा कि इनके पीछे भाजपा का हाथ रहा जो वाईएसआर कांग्रेस को फायदा पहुंचाना चाहती है।

आयकर विभाग ने राज्य में होने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव से दो दिन पहले नौ अप्रैल को तेदेपा नेता गल्ला जयदेव के कॉस्ट अकाउंटेंट गुरप्पा नायडू के आवास पर छापे मारे। मौजूदा संसद के सबसे धनी सांसद जयदेव अमारा राजा समूह के निदेशक हैं जो अपनी ऑटोमोटिव बैट्री अमारॉन के लिए जाना जाता है।

आयकर विभाग ने बाद में कहा कि एजेंसी ने एक गुप्त सूचना मिलने के बाद गुरप्पा नायडू के आवास पर छापे मारे और उनके परिसर से 45.4 लाख रुपये जब्त किए। सूचना में कहा गया था कि इन रुपयों का इस्तेमाल चुनाव में होने वाला था।

आयकर विभाग के अधिकारियों ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के गुंटूर लोकसभा सीट से प्रत्याशी मोदुगुला वेणुगोपाल रेड्डी के आवास पर भी छापे मारे।

छापों की निंदा करते हुए चंद्रबाबू नायडू ने चुनाव प्रचार के दौरान धरना दिया और नरेंद्र मोदी सरकार पर आयकर विभाग का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।

मतदान के एक दिन पहले भी अमरावती में उन्होंने आयकर विभाग के छापे और चुनाव आयोग द्वारा राज्य अधिकारियों के तबादले को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के बाहर धरना दिया था।

नायडू ने आचार संहिता के दौरान आयकर विभाग के छापों पर सवाल उठाए।

मंगलवार को चेन्नई में द्रमुक मुख्यालय के दौरे परप पहुंचे नायडू ने कहा कि छापे केवल उनके खिलाफ मारे जा रहे हैं जो भाजपा के खिलाफ हैं।