गुरमीत के खिलाफ हत्या के ममलों में सुनवाई आज, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

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पंचकूला/ दिल्ली डेस्क : डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ आज हत्या के 2 मामलों में सुनवाई है। किसी भी प्रकार के उपद्रव से बचने के लिए पूरे इलाके में पहले ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पंचकूला में सुरक्षा बलों की टुकड़ियों को तैनात किया गया है।
50 वर्षीय राम रहीम विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रोहतक जेल से सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष पेश होगा। वह बलात्कार के दो मामलों में 20 वर्ष कैद की सजा भुगत रहा है। सीबीआई की अदालत पत्रकार रामचंद्र छत्रपति और पूर्व डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या मामले की सुनवाई कर रही है। इन मामलों में दोषी पाए जाने पर उम्रकैद से लेकर अधिकतम मृत्युदंड तक की सजा दी जा सकती है।
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक बीएस संधू ने बताया कि इन मामलों की सुनवाई से पहले सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पंचकूला में अर्धसैनिक बलों और हरियाणा पुलिस की टुकड़़ियों को तैनात किया गया है। पुलिस महानिदेश के अनुसार, ‘फिलहाल राम रहीम रोहतक जेल में बंद है। सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखकर सुनवाई जेल से विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी।
साध्वियों से बलात्कार के 2 मामलों में सीबीआई की विशेष अदालत ने 28 अगस्त को राम रहीम को 20 वर्ष कैद की सजा सुनाई थी। फैसले के बाद पंचकूला और हरियाणा के कई इलाकों में काफी हिंसा हुई थी। सीबीआई के वकील एचपीएस वर्मा ने बताया कि हत्या के 2 मामलों में अंतिम जिरह शनिवार को शुरू होगी।
24 अक्तूबर 2002 को सिरसा के सांध्य दैनिक ‘पूरा सच’ के संपादक रामचन्द्र छत्रपति को उनके घर के बाहर गोलियों से छलनी कर दिया गया था। 21 नवम्बर 2002 को छत्रपति की दिल्ली के अपोलो अस्पताल में मौत हो गई थी। उनके अखबार ‘पूरा सच’ ने एक गुमनाम पत्र छापा था। पत्र में बताया गया था कि किस तरह से सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में साध्वियों का यौन उत्पीड़न होता था।
दूसरा मामला 10 जुलाई 2002 का है जब डेरा प्रबंध समिति सदस्य रहे रणजीत सिंह की हत्या की गई थी। डेरा प्रबंधन को रंजीत सिंह पर साध्वी का पत्र तत्कालीन प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का शक था। हत्या का शिकार बने दोनों लोगों के परिवार ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था जिसके बाद ही पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने नवंबर 2003 में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे।
हत्या मामले में सीबीआई ने 30 जुलाई 2007 को आरोप पत्र दाखिल किया था। इन दोनों ही मामलों में 16 सितम्बर 2017 को सीबीआई कोर्ट में सुनवाई होनी है। इन मामलों में गुरमीत राम रहीम को मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर सीबीआई ने नामजद किया है।

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