किसान आंदोलन : गाजियाबाद में छिजारसी टोल को कराया फ्री, शाहजहांपुर बॉर्डर पर किसानों का जत्था

भारत

डेस्क : केंद्रीय कृषि कानूनों को रद कराने की मांग को लेकर किसान आंदोलन का आज 17वां दिन है। राजस्थान के शाहजहांपुर बॉर्डर पर हजारों किसान इकट्ठा हो रहे हैं। ये सभी रविवार सुबह 10:00 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। वहीं, पंजाब के अमृतसर से 700 ट्रैक्टर-ट्रॉली में जयपुर से 300 ट्रैक्टर ट्रॉली में हजारों किसान गुरुग्राम के लिए कूच कर चुके हैं।

उनका कहना है कि जहां पर किसानों को रोका जाएगा वहीं पर वह बैठ जाएंगे। इसके अलावा, पंजाब से गुरुग्राम पहुंचे किसान मेजर सिंह का कहना है कि जब तक केंद्र सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि बंद कमरे में नहीं होगा संवाद बल्कि केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर किसानों के बीच आकर संवाद करें।

इधर, सोनीपत में खरखौदा क्षेत्र से होकर गुजरने वाली कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे की पिपली टोल को किसानों द्वारा फ्री करवा दिया गया है। फिलहाल सभी वाहन बगैर टोल दिए जा रहे हैं। स्थानीय किसान हुक्का लेकर टोल पर ही बैठे हुए हैं।

भारतीय किसान यूनियन ने गौतमबुद्धनगर में पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के सिरसा टोल को फ्री करा दिया है, जिसके बाद बिना पैसा दिए वाहन गुजर रहे हैं। वहीं किसान दिल्ली-जयपुर और दिल्ली-आगरा हाईवे भी जाम करें और टोल नाकों को फ्री कराएंगे। किसान आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी है।

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आंदोलनरत किसानों का कहना है कि किसान आंदोलन गैर राजनीतिक है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार तीनों कानूनों को रद्द नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। किसानों का जत्था लगातार मंच से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील कर रहे हैं। यहां पर सभी जत्थेदारों के नंबरों को मिलाकर कई वाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं।

प्रदर्शनकारियों को कोई भी संदेश देने के लिए उसे वाट्सएप ग्रुप पर भेजा जाता है और फिर मुख्य मंच से भी नियमों के बारे में जानकारी दी जाती है। सुरक्षा और अलग-अलग जत्थों तक संदेश पहुंचाने के काम में युवाओं और बुजुर्गों को एक साथ लगाया गया है, ताकि कोई गड़बड़ी न हो।