डीयू के कुलपति पर शासकीय निकायों के गठन में देरी का आरोप

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नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी(आप) ने मंगलवार को दिल्ली विश्वविद्यालय(डीयू) के कुलपति योगेश त्यागी पर केंद्र के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह विश्वविद्यालय के शासकीय निकायों को गठित करने के प्रयास नहीं कर रहे हैं।

आप नेता आशुतोष ने यहां मीडिया से कहा, डीयू के 12 कॉलेजों को दिल्ली सरकार द्वारा पूरी वित्तीय सहायता राशि दी जाती है, जबकि 16 को आंशिक रूप से वित्तीय राशि दी जाती है। विश्वविद्यालय के इन शासकीय निकायों का कार्यकाल अक्टूबर 2016 में पूरा हो गया था, लेकिन नए निकायों का गठन अभी तक नहीं किया गया है।

आप नेता ने कहा कि डीयू एक स्वायत्तशासी संस्थान है, लेकिन केंद्र सरकार इसके साथ भी वही करने की कोशिश कर रही है जो वह देश के अन्य स्वायत्तशासी संस्थानों के साथ कर रही है।

उन्होंने कहा, विश्वविद्यालय के कुलपति पर भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) द्वारा दबाव डाला जा रहा है, क्योंकि पार्टी के नेता अपनी इच्छानुसार शासकीय निकायों का गठन करना चाहते हैं।

आशुतोष ने कहा कि कुलपति को अन्य कॉलेजों के सही कामकाज के लिए यथासंभव जल्द से जल्द शासकीय निकायों का गठन करना चाहिए।

बुराड़ी विधानसभा से आप विधायक संजीव झा ने कहा कि शासकीय निकायों के लिए दिल्ली सरकार द्वारा भेजी गई प्रोफेसरों की एक सूची को दो महीने बाद कुलपति कार्यालय द्वारा यह कहते हुए वापस लौट दिया गया है कि यह सूची सारणीबद्ध रूप में नहीं है।

आप नेता झा ने विश्वविद्यालय में भष्ट्राचार का भी आरोप लगाते हुए कुलपति से आग्रह किया कि वह विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करें।