कैबिनेट ने कोयला खनन में ऑटोमेटिक रूट से 100 फीसदी एफडीआई को मंजूरी दी

0
221

नई दिल्ली : आर्थिक मामलों की संसदीय समिति (सीसीईए) ने बुधवार को कोयला खनन और उससे जुड़ी गतिविधियों में ऑटोमेटिक रूट से 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को मंजूरी प्रदान कर दी।

आधिकारिक बयान में कहा गया है, कोयला खनन अधिनियम, 2015 के प्रावधानों और खान व खनिज अधिनियम, 1957 के प्रावधानों से संबंधित कोयला खनन गतिविधियों के लिए कोयले की बिक्री के लिए ऑटोमेटिक रूट के तहत 100 फीसदी एफडीआई की अनुमति देने का निर्णय लिया गया है।

संबंधित कोयला खनन गतिविधियों में कोल वाशरी, क्रशिंग, कोल हैंडलिंग और सेपरेशन (मैगनेटिक और नॉन-मैग्नेटिक) शामिल है।

वर्तमान एफडीआई नीति के अनुसार, ऑटोमेटिक रूट के तहत 100 फीसदी एफडीआई की अनुमति बिजली परियोजनाओं, लोहा, इस्पात और सीमेंट इकाइयों द्वारा कैप्टिव खपत के लिए कोयला और लिग्नाइट खनन के लिए और अन्य योग्य गतिविधियों के लिए दी गई और लागू अन्य कानूनों और विनियमों के अधीन है।

इसके अलावा, वर्तमान में कोयला प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करने में ऑटोमेटिक रूट के तहत 100 फीसदी एफडीआई की अनुमति है। हालांकि यह इस शर्त के अधीन हैं कि कंपनी कोयला खनन नहीं करेगी और अपने कोयला प्रसंस्करण संयंत्रों से बॉश्ड कोयले या साइज्ड कोयले की बिक्री नहीं करेगी। यह केवल उन्ही पार्टियों को बॉश्ड कोयले या साइज्ड कोयले की आपूर्ति करेगा जो प्रसंस्करण संयंत्रों को कच्चे कोयले की आपूर्ति कर रहे हैं।

वित्त वर्ष 2014-15 से 2018-19 तक भारत में कुल 286 अरब डॉलर का एफडीआई आया।