गैर-महानगरीय मार्गो पर औसत हवाई किराए 10-15 फीसदी महंगे

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नई दिल्ली:घरेलू मार्गों पर चलने वाली एयरलाइंस खासकर जो गैर-महानगरों के बीच चलती हैं, उनके किराए पर जेट एयरवेज की उड़ानों का बंद होने का असर पड़ा है। इन मार्गो पर हवाई टिकटों की औसत कीमतों में 10 से 15 फीसदी की वृद्धि देखने को मिली है, जबकि स्पाइसजेट और इंडिगो जैसी एयरलाइनों ने अपनी अतिरिक्त क्षमता का इस्तेमाल किया है।

एयर इंडिया के एक अधिकारी ने कहा, औसत किराया महंगा हो गया है, जो कि करीब 10 से 15 फीसदी महंगा है।

पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र के दिग्गज बर्ड समूह के कार्यकारी निदेशक अंकुर भाटिया ने कहा कि छोटे मार्गो जैसे दिल्ली-देहरादून पर किराए बढ़ गए हैं, जिसका कारण लंबा सप्ताहांत होना भी है। हालांकि क्षमता को शामिल करने के साथ किराए सामान्य स्तर पर लौट रहे हैं।

उन्होंने कहा, आनेवाले हफ्तों में स्पाइसजेट और एयर इंडिया अपनी अतिरिक्त क्षमता का उपयोग करेंगी। उसके बाद किराए में कमी आएगी।

गंभीर तरलता संकट का सामना करते हुए, जेट एयरवेज ने इस सप्ताह अपने पूरे परिचालन को निलंबित कर दिया, जिससे क्षमता में भारी कमी आई।

एयरलाइन ने 17 अप्रैल को आधिकारिक बयान में कहा, चूंकि किसी भी कर्जदाता या किसी भी अन्य स्त्रोत से कोई भी आपात निधि नहीं आ रही है, इसलिए एयरलाइन परिचालन जारी रखने में सक्षम नहीं है। इसलिए तुरंत प्रभाव से जेट एयरवेज अपने सभी अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों को बंद कर रही है।

यात्रा डॉट कॉम के मुख्य परिचालन अधिकारी (बी2सी) ने कहा कि जेट एयरवेज के अस्थायी रूप से सेवा बंद कर देने के कारण भारतीय विमानन उद्योग को झटका लगा है, क्योंकि जेट के बेड़े में भारी संख्या में विमानन थे और सालों से यह यात्रियों की पसंदीदा एयरलाइंस रही है।

उन्होंने कहा, इसके अलावा अभी गर्मियों के सीजन में पर्यटन में बढ़ोतरी होती है। ऐसे में सेवा बंद करने का काफी ज्यादा असर पड़ा है, क्योंकि मांग काफी अधिक है। हालांकि हमें भरोसा है कि उद्योग मांग में हुई वृद्धि को पूरा करने में सक्षम है और अन्य एयरलाइंस अपनी खेप बढ़ाएंगी।

किफायती विमानन कंपनी स्पाइसजेट द्वारा जेट एयरवेज की बंद पड़ी 30 विमानों को पट्टे पर लेने की संभावना है, जिसे कंपनी आनेवाले हफ्तों में घरेलू मार्गो पर तैनात करेगी।