सेना, नौसेना ने बाढ़ प्रभावित राज्यों में बचाव अभियान तेज किया

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नई दिल्ली : भारतीय सेना और नौसेना की आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों ने पिछले सप्ताह भारी बारिश के बाद आई बाढ़ से प्रभावित महाराष्ट्र तथा दक्षिण भारतीय राज्यों में फंसे हजारों लोगों को बचाने के लिए अपने बचाव अभियान को और तेज कर दिया है।

महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के कई जिलों में नदियां अपने किनारों को तोड़कर बह रही हैं, जलाशय खतरे के निशान को पार कर गए हैं और भूस्खलन हो रहे हैं। हालांकि, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार से बारिश में कमी आने की संभावना जताई है।

आईएमडी ने कहा, सौराष्ट्र और कच्छ के उत्तरी भागों में कम दबाव का स्तर है। गुजरात, केरल और कर्नाटक में बारिश रविवार से धीमी हो सकती है।

भारतीय नौसेना के अधिकारियों ने रविवार को बताया कि महाराष्ट्र के अकेले सांग्ली जिले में ही वहां फंसे लोगों की सहायता के लिए आपातकाल प्रतिक्रिया बल की 12 टीमें रवाना हो चुकी हैं।

इन चार राज्यों में लगातार बारिश और बाढ़ से कम से कम 100 लोगों की मौत हो चुकी है। गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ में भी भारी बारिश हुई है।

नौसेना के एक अधिकारी ने कहा, रबर की हवा वाली नावों के साथ टीमें सांग्ली के अंग्लीवाड़ी, हरिपुर, आकाशवाणी, कोल्हापुर रोड, गांव भाग और इरविन ब्रिज क्षेत्रों में काम कर रही हैं। जल स्तर के घटने से नावों को चलाने में परेशानी होने के बावजूद, टीमों ने लगभग 2,200 लोगों को बचा लिया है, जिनमें ज्यादातर महिलाएं, बच्चे और वृद्ध हैं।

सेना ने चार राज्यों के बाढ़ प्रभावित 17 जिलों में बाढ़ राहत अभियानों में 3,000 से अधिक कर्मियों को तैनात किया है। इन आपातकालीन टीमों ने फंसे हुए लोगों को पेयजल की बोतलें, डब्बाबंद खाना, दूध के पैकेट और दवाईयों की आपूर्ति भी की है।

महाराष्ट्र में बाढ़ बचाव में सहयोग के लिए एक हैल्पलाइन नंबर 020-26357444 भी जारी किया गया है। इसके अलावा केरल के तिरुवनंतपुरम में भी हैल्पलाइन नंबर संचालित हैं।