कांग्रेस के 52 सांसद 18 प्रदेशों से चुनकर आए

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नई दिल्ली : हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी की लहर के बीच कांग्रेस के वे 52 सांसद कौन हैं, जो जीतकर आए हैं?

कांग्रेस ने देश भर में 421 उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 52 उम्मीदवार 18 प्रदेशों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से जीत कर संसद तक पहुंचने में कामयाब हुए हैं।

कांग्रेस ने सबसे ज्यादा केरल में 15 सीटें जीती हैं। इसके बाद पंजाब और तमिलनाडु में आठ-आठ सीटें जीती हैं। 17 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में वह खाता भी नहीं खोल पाई।

चुनाव हारने वाले प्रमुख नेताओं में कांग्रेस कार्यसमिति के चार सदस्य शामिल हैं। कार्यसमिति पार्टी की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था है।

जीत दर्ज कराने वाले प्रमुख उम्मीदवारों में संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी शामिल हैं। सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश से जीत दर्ज कराने वाली वह एकमात्र उम्मीदवार हैं। रायबरेली सीट पर उन्होंने 1,67,178 वोटों से जीतकर अपनी सीट बरकरार रखी।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पार्टी की परंपरागत सीट अमेठी में भाजपा उम्मीदवार केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से चुनाव हार गए। राहुल केरल की वायनाड सीट से चार लाख से अधिक वोटों से जीत दर्ज करने में सफल रहे।

यहां पेश है कांग्रेस से जीत दर्ज करने वाले उम्मीदवार :

3. कुलदीप राय शर्मा : अंडमान निकोबार द्वीप समूह के प्रदेश प्रमुख राय 1407 वोटों से जीतने में सफल रहे।

4. अब्दुल खालिक : कांग्रेस विधायक असम की बारपेटा सीट से 1,40,307 वोटों से जीते।

5. प्रद्युत बोरदोलोई : असम के पूर्व मंत्री नौगांव से 16,752 वोटों से जीते।

6. गौरव गोगोई : पार्टी के सांसद और असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के पुत्र कालियाबोर से 2,09,994 वोटों से अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे।

7. मोहम्मद जावेद : कांग्रेस का गढ़ कही जाने वाली सीट किशनगंज से जावेद ने 34,466 वोटों से जीत दर्ज की।

8. दीपक विज : कांग्रेस विधायक ने छत्तीसगढ़ के बस्तर से 38,982 वोटों से जीत दर्ज कराई।

9. ज्योत्सना महंत : छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत की पत्नी कोरबा सीट से 26,349 वोटों से जीतने में सफल रहीं।

10. फ्रांसिस्को सरदिन्हा : पूर्व सांसद दक्षिण गोवा सीट से 9,755 वोटों से जीते।

11. गीता कोड़ा : झारखंड से जीत दर्ज करने वाली एकमात्र सांसद। उन्होंने सिंहभूम सीट से 72,155 वोटों सी जीत दर्ज की।

12. कोमाटिरेड्डी वेंकट रेड्डी : चार बार के विधायक ने तेलंगाना के भोंगीर से 5,219 वोटों से जीत दर्ज कराई।

13. डी.के. सुरेश : कर्नाटक से जीत दर्ज करने वाले एकमात्र सांसद। उन्होंने बेंगलुरू ग्रामीण से 2,06,870 वोटों से जीत दर्ज की।

14. शशि थरूर : पूर्व केंद्रीय मंत्री तिरुवनंतपुरम सीट से 99,989 वोटों से जीते।

15. राम्या हरिदास : पूर्व ब्लाक पंचायत अध्यक्ष केरल की अलाथुर सीट से 1,58,968 वोटों से जीतने में सफल रहीं। यह सीट कांग्रेस के लिए कठिन मानी जा रही थी।

16. अडूर प्रकाश : वाम का गढ़ मानी जाने वाली अट्टींगल से 38,247 वोटों से जीतने में सफल रहे।

17. बेन्नी वेहनान : चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा, इसके बावजूद उन्होंने चलाकुडी से 1,32,274 वोटों से जीत दर्ज कराई।

18. हिब्बी एडेन : कांग्रेस के युवा नेता ने एर्नाकुलम सीट से रिकार्ड 1,69,153 वोटों से जीत दर्ज कराई। इस सीट से इतने वोटों से जीत का यह एक रिकार्ड है।

19. डीन कुरियाकोसे : यूडीएफ द्वारा शुरू किए गए किसान आंदोलन में इन्होंने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। वह इडुक्की सीट से 1,71,053 वोटों से जीते।

20. के. सुधाकरन : इन्होंने अपने प्रचार के दौरान राजनीतिक हिंसा का मुद्दा उठाया था और कन्नूर सीट से 94,559 वोटों से जीते।

21. राजमोहन उन्नीथन : अपना पहला चुनाव कासरगोड़ से 40,438 वोटों से जीते। यह सीट कांग्रेस के लिए कठिन मानी जाती रही है।

22. एम.के. राघवन : कोझिकोड़ से हैट्रिक बनाते हुए 85,225 वोटों से जीते।

23. के. सुरेश : मेवेलिक्कारा सीट से तीसरी बार 61,138 वोटों से जीते।

24. वी.के. श्रीकंठन : पलक्कड़ सीट से आश्चर्यजनक रूप से वाम मोर्चे के उम्मीदवार को 11,637 वोटों से हराया।

25. अंटो एंटनी : पथनामथिट्टा के सांसद ने 44,243 वोटों से जीत कर सीट बरकरार रखी।

26. टी.एन. प्रथापन : वह तीन बार के विधायक हैं। त्रिशूर से 93,633 वोटों से जीत दर्ज की।

27. के. मुरलीधरन : विधायक हैं और उन्होंने राज्य में हिंसा का मुद्दा उठाया था। उन्होंने वडाकारा सीट से 84,633 वोटों से जीत दर्ज की।

28. नकुलनाथ : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के पुत्र ने छिंदवाड़ा से 37,536 वोटों से जीत दर्ज की।

29. सुरेश धानोरकर : महाराष्ट्र के चंद्रपुर से केंद्रीय मंत्री हंसराज अहीर को 44,763 वोटों से हराया।

30. विन्सेंट एच. पाला : दो बार के सांसद और व्यवसायी ने शिलांग से 1,52,433 वोटों से जीत दर्ज की।

31. वी. वैथिलिंगम : पूर्व मुख्यमंत्री ने पुडुचेरी से 1,97,025 के रिकार्ड मार्जिन से जीत दर्ज कराई।

32. जी.एस.औजला : निर्वतमान सांसद ने अमृतसर सीट से 99,626 वोटों से जीत दर्ज की।

33. मनीष तिवारी : पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता आनंदपुर साहिब सीट से 46,884 वोटों से जीतने में सफल रहे।

34. मोहम्मद सादिक : पंजाबी लोक गायक ने फरीदकोट से 83,256 वोटों से जीत दर्ज की।

35. अमर सिंह : मध्य प्रदेश काडर के पूर्व आईएएस अधिकारी ने फतेहगढ़ साहिब सीट से 93,898 वोटों से जीत दर्ज कराई।

36. संतोख सिंह चौधरी : निवर्तमान सांसद जालंधर सीट से 19,491 वोटों से जीतने में सफल रहे।

37. जसबीर सिंह : पूर्व कांग्रेस विधायक ने खडूर साहिब सीट से 1,40,573 वोटों से जीत दर्ज की।

38. रवनीत सिंह बिट्टू : पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते और निवर्तमान सांसद लुधियाना से 76,372 वोटों से जीतने में सफल रहे।

39. प्रणीत कौर : पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और पूर्व सांसद ने पटियाला से 1,62,718 वोटों से जीत दर्ज की।

40. रेवंत रेड्डी : तेलंगाना कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष ने मल्काजगिरी सीट से 10,919 वोटों से जीत दर्ज की।

41. उत्तम कुमार रेड्डी : तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष ने नलगोंडा से 25,682 वोटों से जीत दर्ज की।

42. अधीर रंजन चौधरी : ममता बनर्जी के मुखर आलोचक रहे चौधरी ने 80,696 वोटों से जीत दर्ज कर बहरामपुर सीट बरकरार रखी।

43. अबु हासेम खान चौधरी : निवर्तमान सांसद ने मालदा दक्षिण सीट पर 8,222 वोटों से जीत दर्ज की।

44. सप्तागिरी उल्का : कंप्यूटर साइंस से बीटेक हैं। प्रमुख आईटी कंपनियों के लिए काम कर चुके उल्का ने ओडिशा के कोरापुट से 3,613 वोटों से जीत दर्ज कराई।

45. एम.के. विष्णु प्रसाद : तमिलनाडु कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष ने अरानी सीट से 2,30,806 वोटों से जीत दर्ज की।

46. एच. वसंतकुमार : तमिलनाडु कांग्रेस के दूसरे कार्यकारी अध्यक्ष ने कन्याकुमारी सीट पर 2,59,933 वोटों से जीत दर्ज कराई।

47. एस. जोथिमणि : युवक कांग्रेस से जुड़ी जोथिमणि करूर सीट से 4,20,546 वोटों से जीतीं।

48. ए. चेल्लाकुमार : कांग्रेस कार्यसमिति के आमंत्रित सदस्य ने कृष्णागिरी सीट से 1,56,765 वोटों से जीत दर्ज की।

49. कार्ति चिदंबरम : पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम के पुत्र ने शिवगंगा सीट से 3,32,244 वोटों से जीत दर्ज कराई।

50. के. जयकुमार : पूर्व विधायक ने किसानों से जुड़े मुद्दे को उठाया और तिरुवल्लूर सीट से 3,56,955 वोटों से जीत दर्ज की। 2014 में यह सीट अन्ना द्रमुक के पास थी।

51. एस. तिरुन्नावुक्कारासर : तमिलनाडु कांग्रेस के पूर्व प्रमुख ने तिरुचिरापल्ली से 4,59,286 वोटों से जीत दर्ज की।

52. मनिकम टैगोर : युवक कांग्रेस से जुड़े टैगोर ने विरुधुनगर से 2009 में चुनाव जीता था और अब 2019 में उन्होंने 1,54,554 वोटों से जीत दर्ज की।