नई दिल्ली। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने जम्मू एवं कश्मीर में सैन्य शिविर पर आतंकवादी हमले में शहीद हुए मुसलमान सैनिकों सहित पांच कश्मीरी मुसलमानों के मारे जाने का हवाला देते हुए मुसलमानों की देशभक्ति पर सवाल उठाने वालों की मंगलवार को आलोचना की और पूछा कि ऐसे लोग इस पर चुप क्यों है।
ओवैसी ने कहा, टेलीविजन पर हर रात नौ बजे मुसलमानों के राष्ट्रवाद पर सवाल उठाया जाता है और कश्मीरियों पर भी सवाल उठाया जाता है।
उन्होंने कहा, जम्मू में मारे गए सात लोगों में से पांच कश्मीरी मुसलमान थे। अब हर कोई उनकी मौत पर चुप क्यों है? इस पर ऐसी चुप्पी क्यों है?
हैदराबाद के सांसद ने कहा कि जो लोग मुसलमानों की निष्ठा पर सवाल उठाते हैं और जो मुसलमानों को पाकिस्तानी कहते हैं, उन्हें इससे सबक लेना चहिए।
ओवैसी ने कहा, हम (मुसलमान) अपना जीवन दे रहे हैं, आतंकवादी हमें भी मार रहे हैं क्योंकि वे धर्म के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं कर रहे हैं। वे सभी भारतीय मान रहे हैं। लेकिन, देश में ही ऐसे कई लोग हैं, जो अभी भी हमारी निष्ठा पर सवाल उठाते हैं।
ओवैसी ने सुंजुवान सैन्य शिविर पर आतंकवादी हमले में शहीद हुए छह जवानों और मारे गए एक नागरिक के संदर्भ में यह बात कही।
दस फरवरी को जैश-ए-मुहम्मद के हथियारों से लैस आतंकियों ने इस शिविर पर हमला किया था। एक और जवान का शव मिलने से इस हमले में शहीद होने वाले सैनिकों की संख्या सात हो गई है। हमले छह महिलाओं और बच्चों समेत दस लोग घायल हुए हैं।
 

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