नई दिल्ली : तमिलनाडु ने गुरुवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली से प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) में केंद्र के योगदान को प्रति लाभार्थी 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5.4 लाख रुपये करने का आग्रह किया।
तमिलनाडु के उप मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने बजट पूर्व परामर्श बैठक में गुरुवार को अरुण जेटली से यह आग्रह किया। इसमें जेटली के साथ 14 वित्त मंत्रियों ने भाग लिया। इसमें हिमाचल प्रदेश व पुडुचेरी के मुख्यमंत्री सहित बिहार, दिल्ली, गुजरात, मणिपुर व तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री शामिल थे।
उन्होंने कहा, सरकार की प्रमुख योजना प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) को शहरी गरीबों की घर की जरूरत को पूरा करने के लिए बनाया गया है। मैं यह जिक्र करने के लिए बाध्य हूं कि पीएमएवाई के तहत साझेदारी में किफायती अवास में केंद्र की हिस्सेदारी 1.5 लाख प्रति लाभार्थी तक सीमित है, जबकि एक मकान की वास्तविक लागत 10 लाख रुपये है और लाभार्थी का योगदान एक लाख रुपये भर है।
पन्नीरसेल्वम ने कहा कि इस तरह से भारत सरकार का योजना में योगदान सिर्फ 15 फीसदी है जबकि राज्य सरकार लागत का 75 फीसदी योगदान कर रही है।
उन्होंने कहा, यह उचित होगा यदि भारत सरकार अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 5.5 लाख रुपये प्रति लाभार्थी करती है, जिस तरह केंद्र सरकार अपनी दूसरी योजनाओं में 60 फीसदी की हिस्सेदारी करती है।
जेटली ने कहा कि राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा दिए गए सुझावों की जांच की जाएगी और 2018-19 के बजट प्रस्तावों को तैयार करते समय उचित विचार किया जाएगा।

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