मुंबई : अनिल अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस समूह की कंपनियों ने शनिवार को कहा कि वे एलएंडटी फाइनेंस के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करेंगी, ताकि उनके संबंधित हितधारकों के मूल्य में वृद्धि हो और उसकी रक्षा हो।

समूह की जिन कंपनियों ने अलग-अलग कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया है, उनमें रिलायंस इंफ्रास्ट्रकचर, रिलायंस कैपिटल और रिलायंस पॉवर शामिल हैं।

रिलायंस समूह ने एक दिन पहले कहा था कि कुछेक एनबीएफसीज, असल में एलएंडटी फाइनेंस और एडिलवीस समूह की कुछ कंपनियों ने रिलायंस समूह के गिरवी रखे सूचीबद्ध शेयरों की चार फरवरी से सात फरवरी के बीच खुले बाजार में बिक्री की, जिनका मूल्य करीब 400 करोड़ रुपये था।

खुले बाजार में बिक्री से इन तीन कंपनियों का बाजार पूंजीकरण बुरी तरह प्रभावित हुआ। तीनों कंपनियों के कुल 46.75 लाख शेयरधारक हैं।

शुक्रवार को रिलायंस समूह ने कहा, कर्ज की सुरक्षा के लिए गिरवी रखे गए शेयरों को बेचने के अधिकार का इस्तेमाल अवैध और हद से अधिक था, क्योंकि कर्ज के दस्तावेजों के हिसाब से यह जरूरत से ज्यादा था।

रिलायंस समूह ने आगे कहा, उपरोक्त दो समूहों द्वारा की गई यह कार्रवाई अवैध, दुर्भावना से प्रेरित और पूरी तरह अनुचित थी। इससे इन चार दिनों में कंपनी के बाजार पूंजीकरण में 13,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जोकि करीब 55 फीसदी है। इससे 72 लाख से अधिक संस्थागत और खुदरा शेयरधारकों का नुकसान हुआ और सभी हितधारकों का नुकसान हुआ।

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