भुवनेश्वर : केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने बुधवार को निवेशकों से ओडिशा में निवेश के अवसर तलाशने का आग्रह किया। उन्होंने निवेशकों से पारादीप और धामरा में निवेश के अवसरों की तलाश करने की अपील की।

प्रधान ने औद्योगिक कार्यकलापों को प्रोत्साहित करने के लिए जाजपुर जिले के चांडीखोल के पास पाइपलाइन पार्क की योजना का सुझाव दिया।

मंत्री ने कहा, पड़ोसी राज्यों और भारत के पूर्वोत्तर के राज्यों को ऊर्जा की आपूर्ति करने के लिए पारादीप और धामरा मुख्यद्वार बन गए हैं। विभिन्न विकासपरक परियोजनाओं, खासतौर से तेल और गैस के क्षेत्र में बड़े निवेश से भारत का पूर्वी क्षेत्र विकासोन्मुख है।

प्रधान बुधवार को भुवनेश्वर में संक्षारण नियंत्रण पर आयोजित 19वें राष्ट्रीय सम्मेलन में अग्रणी कारोबारियों, निवेशकों और इंजीनियरिंग, पाइपलाइन व पत्तन क्षेत्र में उद्योग के हितधारकों को संबोधित कर रहे थे।

मंत्री ने बताया कि कुछ कंपनियों ने पारादीप में पाइपलाइन कोटिंग मैन्युफैक्चरिंग और हौज मैुन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में दिलचस्पी दिखाई है।

उन्होंने कहा, जिस प्रकार गुजरात सरकार ने कच्छ इलाके में जमीन मुहैया करवाई, उसी प्रकार अगर ओडिशा सरकार जमीन मुहैया करवाने में मदद करेगी तो प्रदेश में विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा।

प्रधान ने कहा, हमारी सरकार पिछले साढ़े चार साल से ओडिशा में तेल और गैस के नेटवर्क में प्रसार कर रही है, ताकि आगे ईंधन आधारित आर्थिक विकास हो सके और राज्य में लोगों को स्वच्छ ईंधन मिल सके।

प्रधान ने कहा कि देशभर में संक्षारण क्रूड व गैस पाइप लाइन की दीर्घजीविता व टिकाऊपन और महत्वपूर्ण ऊर्जा संसाधन के परिवहन को प्रभावित करने वाला प्रमुख कारक है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकीय विकास से सतत निगरानी में मदद मिलेगी और संक्षारण शुरू होने के बारे में पता चल पाएगा।

मंत्री ने कहा, आधुनिक युग में धातु किसी भी संरचना का अभिन्न हिस्सा है। हमारा देश पाइपलाइन नेटवर्क और उत्कृष्ट संरचना के क्षेत्र में बड़ा प्रसार कर कर रहा है, इसलिए किसी प्रकार की दुर्घटना को रोकने के लिए संक्षारण नियंत्रण काफी अहम बन गया है, खासतौर से ऊर्जा के क्षेत्र में जहां त्रुटि की कोई गुंजाइश नहीं है।

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