नई दिल्ली : सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को दूरसंचार कंपनी एरिक्सन द्वारा उसके 550 करोड़ रुपये के कर्ज को नहीं चुकाने को लेकर दाखिल अवमानना मामले में रिलायंस कंम्यूनिकेशंस (आरकॉम) के अध्यक्ष अनिल अंबानी से जवाब मांगा है।

न्यायमूर्ति रोहिंटन फली नरीमन और न्यायमूर्ति विनीत सरन की पीठ ने एरिक्सन इंडिया के अधिकृत प्रतिनिधि विशाल गर्ग द्वारा दाखिल अवमानना मामले में अंबानी को नोटिस भेजा है। कंपनी ने आरोप लगाया है कि आरकॉम ने शीर्ष अदालत के तीन अगस्त, 2018 और 23 अक्टूबर, 2018 के उन आदेशों का उल्लंघन किया है, जिनमें आरकॉम को कहा गया था कि वह एरिक्सन को 550 करोड़ रुपये चुकाए।

अंबानी के अलावा अवमानना मामले में अन्य दो – रिलायंस टेलीकॉम लि. के अध्यक्ष सतीश सेठ और रिलायंस इंफ्राटेल लि. के अध्यक्ष छाया विरानी को भी वादी बनाया गया है।

अदालत ने नोटिस का जवाब देने के लिए पांच हफ्तों का समय दिया है।

इस आदेश पर रिलायंस कम्यूनिकेशंस के प्रवक्ता ने कहा, एरिक्सन द्वारा दाखिल अवमानना याचिका पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने जवाब देने के लिए चार हफ्तों का वक्त दिया है। इसके बाद एरिक्सन को प्रतिवाद के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है। उसके बाद इस मामले पर सुनवाई होगी।

प्रवक्ता ने कहा, आरकॉम ने कंपनी के पास उपलब्ध परिचालन फंड से एरिक्सन को 131 करोड़ रुपये का आंशिक भुगतान किया है। आरकॉम मामले को सुलझाने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है और स्पेक्ट्रम बिक्री की आय से एरिक्सन को भुगतान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

रिलायंस ने अदालत से कहा था कि रिलायंस जियो के साथ स्पेक्ट्रम का सौदा होते ही वह सभी बकाया भुगतान कर देगा।

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