कोलकाता : पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने मोदी सरकार की नोटबंदी को सबसे चालाकी से गढ़ी गई आधिकारिक धनशोधन योजना करार देते हुए गुरुवार को कहा कि इस प्रतिबंध से कोई भी नोट बेकार नहीं हुआ और सरकार को 3-4 करोड़ रुपये का फायदा नहीं हुआ, जिसका दावा किया गया था।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि विमुद्रीकृत सभी नोट, वास्तव में 99.3 फीसदी नोट भारतीय रिजर्व बैंक में लौट आए।

उन्होंने कहा, वास्तव में एक-एक नोट को आधिकारिक रूप से बैंक काउंटर पर बदला गया।

चिदंबरम ने कहा, यह बेहर चालाक तरीके से गढ़ी गई आधिकारिक मनी लांडरिंग योजना थी। यह पश्चिम बंगाल में आपसे बेहतर कौन जानता है, जहां नोटबंदी की घोषणा से कुछ ही घंटे पहले भारी मात्रा में नकदी जमा की गई थी।

उन्होंने यह भी कहा कि नोटबंदी से फर्जी मुद्रा या काले धन पर तो रोक नहीं लगी, उल्टे इसके विनाशकारी परिणाम हुए।

चिदंबरम ने कहा, लाखों लोग कर्ज में डूब गए, लाखों लोगों की नौकरियां समाप्त हो गई, हजारों छोटे/मझोले उद्यम बंद हो गए और लाइन में लगने से सौ लोग मारे गए। जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद में 1.5 फीसदी की गिरावट आ गई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here