अगरतला। त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत रॉय ने शुक्रवार को यहां गणतंत्र दिवस समारोह में तिरंगा फहराया और कहा कि पूर्वोत्तर के इस राज्य के राज्यपाल के रूप में तीन सालों के दौरान उन्हें माणिक सरकार के साथ काम करने में कुछ मामूली परेशानियों को छोड़कर कोई समस्या नहीं हुई।
रॉय ने कहा कि राज्यपाल की भूमिका एक डीजल जनरेटर की तरह है।
उन्होंने कहा, महत्वपूर्ण समारोहों के दौरान डीजल जनरेटर को तैयार रखा जाता है और इसे सामान्य बिजली आपूर्ति के बाधित होने पर चलाया जाता है। त्रिपुरा के राज्यपाल के तौर पर मेरे तीन साल के कार्यकाल में कुछ मामूली परेशानियों को छोड़कर सरकार के साथ काम करने में कोई समस्या नहीं हुई, इसलिए जनरेटर को चालू करने की स्थिति पैदा नहीं हुई, क्योंकि सामान्य बिजली आपूर्ति निरंतर बनी रही।
उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान ने राज्यपाल को हर पहलू को जानने व सूचना के लिए असीमित अधिकार दिए हैं।
इस महीने की शुरुआत में स्थानीय मीडिया में खबर आई थी कि मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने मुख्य सचिव संजीव रंजन व पुलिस महानिदेशक अखिल कुमार शुक्ला से राज्यपाल रॉय द्वारा उनके साथ बैठक के निर्देश पर ध्यान नहीं देने को कहा था।
राज्यपाल व मुख्यमंत्री सचिवालय इस मुद्दे पर मौन हैं, हालांकि सत्तारूढ़ व विपक्षी पार्टियां एक दूसरे पर व राज्यपाल पर हमले कर रही हैं।
रॉय ने यह भी कहा कि देश के अन्य क्षेत्रों से पूर्वोत्तर राज्य को भारी मशीनरी, खाद्यान्न व ईंधन के परिवहन में बांग्लादेश अपने क्षेत्र का उपयोग करने की सुविधा देकर मदद कर रहा है।
असम राइफल्स ग्राउंड में तिरंगा फहराने के बाद राज्यपाल ने कहा, दुर्गम भूभाग व सड़क की अनिश्चित स्थिति त्रिपुरा को चिंताजनक स्थिति में डाल देती है। इन स्थितियों में बांग्लादेश ने देश के अन्य भागों से अपने क्षेत्र के जरिए राज्य को बिजली परियोजनाओं के लिए भारी मशीनरी, खाद्यान्न व ईंधन के परिवहन में सहायता की है।
उन्होंने कहा, भारत व बांग्लादेश की सरकारें विभाजन से पूर्व के रेल व सड़क संपर्क दोनों देशों के बीच बहाल करने की कोशिश कर रही हैं। यह दोनों देशों के लोगों के लिए फायदेमंद होगा।
उन्होंने कहा, राज्य में 18 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण मैं राज्य के विकास के पहलू पर बात नहीं कर सकता। हालांकि, त्रिपुरा के पास प्रचुर प्राकृतिक संसाधन- प्राकृतिक गैस, रबड़ व फल हैं। राज्य में पर्यटन की भी अपार संभावनाएं हैं।
राज्यपाल ने कहा कि कुछ समस्याओं को छोड़कर त्रिपुरा में जनजातीय व गैर जनजातीय लोग दशकों से सौहार्द्र के साथ रह रहे हैं।
राज्य भर में गणतंत्र दिवस मनाया गया व समारोह आयोजित किए गए।
 

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