किसी भी प्रवासी को अपने पैत्रिक स्थान पैदल नहीं लौटना चाहिए : केसीआर

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हैदराबाद : तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि कोई भी प्रवासी कामगार अपने पैत्रिक स्थान पर पैदल चलकर वापस जाने की दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति से न गुजरे।

उन्होंने मुख्य सचिव सोमेश कुमार से कहा कि वे प्रवासी कामगारों के लिए ट्रेनों की व्यवस्था करें, ताकि उन्हें अपने घर तक पहुंचने में मदद मिल सके। उन्होंने कहा कि अगर ट्रेनें उपलब्ध नहीं हैं तो ऐसे श्रमिकों के लिए बसों की व्यवस्था की जाए।

केसीआर नाम से लोकप्रिय मुख्यमंत्री ने प्रवासी श्रमिकों से पैदल चलकर नहीं जाने की अपील की, क्योंकि राज्य सरकार उन्हें उनके मूल स्थानों पर भेजने की जिम्मेदारी ले रही है।

मुख्यमंत्री ने गुरुवार की देर रात उन खबरों के बीच अपील की जिनमें कहा गया कि कई प्रवासी कामदार अभी भी अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए पैदल रवाना हो रहे हैं।

तेलंगाना सरकार ने अब तक एक लाख से अधिक प्रवासी कामगारों को 74 ट्रेनों द्वारा उनके गृह राज्यों में पहुंचाया है। अधिकारियों ने बताया कि 20 मई तक श्रमिक विशेष ट्रेनों द्वारा 1,01,146 यात्रियों को भेजा गया है।

अधिकारियों ने बिहार अधिकतम 26 ट्रेनें, उत्तर प्रदेश 14 ट्रेनें और झारखंड 11 ट्रेनें भेजी हैं। मध्य प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, छत्तीसगढ़, पूर्वोत्तर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और पंजाब में भी प्रवासी कामगारों को ट्रेनों से भेजा गया।

वास्तव में, देश में पहली श्रमिक विशेष ट्रेन एक मई को तेलंगाना से संचालित की गई थी। राज्य सरकार ने सभी प्रवासी कामगारों के किराये के एवज में रेलवे को 8.5 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।

इस बीच, राज्य सरकार ने तेलंगाना हाईकोर्ट को सूचित किया कि 3 लाख से अधिक प्रवासियों ने पुलिस और अन्य अधिकारियों को अपने मूल राज्यों में वापस जाने की अनुमति देने के लिए आवेदन किया।

फंसे प्रवासियों के मुद्दे के संबंध में एक जनहित याचिका (पीआईएल) के जवाब में दायर हलफनामे में, सरकार ने कहा कि तीन लाख से अधिक प्रवासियों ने ऑनलाइन आवेदन किया है।

अदालत को यह भी बताया गया कि अन्य राज्यों में फंसे 64,000 से अधिक लोग लॉकडाउन में ढील दिए जाने के बाद तेलंगाना लौट आए हैं।