पटना: राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नागमणि ने रविवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने रालोसपा के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री उपेंद्र कुशवाहा पर लोकसभा चुनाव के लिए टिकट बेचने का आरोप भी लगाया है। नागमणि ने पटना में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि अपने समर्थकों से राय-मशविरा कर आगे किसी भी पार्टी के साथ जाने की घोषणा की जाएगी।

नागमणि ने पार्टी छोड़ने की घोषणा करते समय अध्यक्ष कुशवाहा पर मोतिहारी लोकसभा सीट, माधव आनंद को नौ करोड़ रुपये में बेचने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि इस फैसले से कुशवाहा समाज के लोगों में नाराजगी है।

गौरतलब है कि शुक्रवार को नागमणि के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मंच साझा करने के बाद नागमणि को कार्यकारी अध्यक्ष पद से हटाते हुए कारण बताओ नोटिस जरी किया गया और तीन दिनों के अंदर जवाब मांगा गया था।

पार्टी ने नागमणि पर नीतीश की तारीफ करने का भी आरोप लगाया था। इससे पहले ही नागमणि ने पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी।

नागमणि ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि सरकारी कार्यक्रम में जाना गलत नहीं है।

उन्होंने उपेंद्र कुशवाहा को बहुत बड़ा नौटंकीबाज बताते हुए कहा, “कुशवाहा पर राजभवन मार्च के दौरान कोई लाठीचार्ज नहीं हुआ था। अपने लोगों के साथ मिलकर उन्होंने पूरा प्लान तैयार किया था।”

उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के साथ थी, लेकिन बाद में कुशवाहा ने महागठबंधन का दामन थाम लिया।

कुशवाहा के महागठबंधन के साथ जाने की घोषणा के बाद रालोसपा के विधायक ललन पासवान सहित दो विधायक और एक विधान पार्षद ने भी कुशवाहा का साथ छोड़ दिया है।

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