नई दिल्ली. पूर्वी भारत के राज्यों में ‘मोरा’ तूफान का खतरा मंडरा रहा है जिसके कारण वहां लगातार तेज हवाएं चल रही हैं. चक्रवाती तूफान के खतरों को देखते हुए सरकार ने चेतावनी जारी कर दी है. बंगाल की खाड़ी में गहरा दबाव क्षेत्र बन गया है. मौसम विभाग के अनुसार यह गहरा दबाव अगले 12 से 24 घंटे में चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा. पूर्वी भारत के इलाकों में भारी बारिश होने की आशंका है.

29-30 मई को भारी बारिश की चेतावनी के कारण समुद्र की ओर जाने वाले मछुआरों को वहां पर ना जाने की चेतावनी दी गई है. इसके अलावा जो भी मछुआरे वहां पर मौजूद हैं, उन्हें जल्द ही वापिस लौटने की सलाह दी गई है.

आपको बता दें कि बंगाल की खाड़ी में एक गहरे दबाव का क्षेत्र बन चुका है और यह तेजी से और ज्यादा ताकतवर होता जा रहा है. इस वेदर सिस्टम की वजह से बंगाल की खाड़ी में मानसून की दस्तक तेजी से बढ़ती जा रही है. मौसम विभाग के मुताबिक यह गहरा दबाव अगले 12 से 24 घंटे में एक चक्रवाती तूफान में तब्दील हो जाएगा. चक्रवाती तूफान बांग्लादेश में चटगांव के पास तट को पार करेगा. चटगांव पार करते ही इस तूफान की ताकत कम हो जाएगी और यह एक गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो जाएगा.

माना जा रहा है कि इस वेदर सिस्टम की वजह से मानसून केरल से पहले पूर्वोत्तर भारत में दस्तक दे देगा. इन स्थितियों में पूर्वोत्तर भारत में मानसून 29 या 30 तारीख तक दस्तक दे सकता है, जबकि केरल में मानसून इसके बाद पहुंचेगा. मौसम विभाग के मुताबिक 31 मई को असम और मेघालय में मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है. इसके चलते स्थानीय प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है.