पणजी। गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने बुधवार को विधानसभा को सूचित किया कि राज्य के चार अभ्यारण्यों को बाघ अभ्यारण्य में बदलने पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
कांग्रेस विधायक फिलिप नेरी रॉड्रिग्स के सवाल पर पर्रिकर ने लिखित में जवाब दिया, कुछ गांवों के मध्यवर्ती क्षेत्र में सूचीबद्ध करने के बाद स्थानीय निवासियों और कृषि पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि इस प्रस्ताव पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
उन्होंने कहा, 2014 में अखिल भारतीय बाघ आकलन के बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने गोवा में बाघ संरक्षण प्रस्ताव पेश किया था। गोवा के संरक्षित क्षेत्रों द्वारा कर्नाटक के काली बाघ संरक्षण के साथ निकटवर्ती गलियारा बनाने के कारण साल 2016 में राज्य वन्यजीव बोर्ड की एक बैठक में गोवा में एक बाघ अभ्यारण्य खोलने का प्रस्ताव लाया गया था।
गोवा में बाघ अभ्यारण्य में म्हदेई अभ्यारण्य, भगवान महावीर अभ्यारण्य और राष्ट्रीय उद्यान, नेत्रावली अभ्यारण्य तथा कोटिगाओ को शामिल करने का प्रस्ताव है।
फिलहार मुम्बई में एक अस्पताल में इलाज करा रहे मुख्यमंत्री की तरफ से लोक निर्माण विभाग मंत्री सुदिन धवलीकर ने विधानसभा में जवाब दिया।
 

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