एडिलेड : आस्ट्रेलिया के साथ होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय कप्तान विराट कोहली ने उनको दी जा रही ज्यादा प्राथमिकता को बुधवार को नकार दिया और कहा कि टीम का हर बल्लेबाज मैच जिताने में सक्षम है।

इस सीरीज में भारतीय बल्लेबाजी का पूरा दारोमदार कोहली के जिम्मे ही है। मौजूदा दौर में उनको विश्व क्रिकेट का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज माना जाता है। भारत और आस्ट्रेलिया के बीच गुरुवार से शुरू हो रहे टेस्ट मैच में कोहली पर सभी की नजरें होंगी।

कोहली ने मैच से पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा, ऑब्सेशन एक ऐसी चीज है, जिसमें मैं विश्वास नहीं करता। जो भी बल्लेबाज हमारे पास हैं, हर किसी में यह क्षमता है कि वह अकेले की दम पर मैच को पलट सकता है।

उन्होंने कहा, इस बात में मैं 120 प्रतिशत विश्वास करता हूं। उनको भी अपने आप पर विश्वास है। बाहर लोगबाग क्या सोचते हैं, हम उस पर नियंत्रण नहीं कर सकते। मैं लोगों को नहीं कह सकता कि आप बात मत करो या लिखो मत।

सीरीज से पहले इस बात पर चर्चा गर्म है कि कोहली को कैसे रोका जाए। एडिलेड ओवल में भारतीय कप्तान ने दो मैचों में तीन शतक लगाए हैं।

कोहली ने कहा, मैं इस मैदान पर आकर खेलना पसंद करता हूं। खासकर इस शहर में। मैं इस शहर का लुत्फ उठाता हूं। मैं नहीं जानता कि इस शहर से मेरा क्या जुड़ाव है। मैं यहां अच्छा महसूस करता हूं। यह नहीं कहा जा सकता कि मैं अच्छा प्रदर्शन ही करूंगा लेकिन हां एडिलेड आकर मुझे अच्छा लगता है।

कोहली ने कहा कि यह मैदान भारत के बाहर उनका पसंदीदा मैदान है।

उन्होंने कहा, यह हर क्रिकेट खिलाड़ी के साथ होता है। उनका घर से बाहर एक पसंदीदा मैदान होता है। मेरे लिए एडिलेड हमेशा से अच्छी जगह रही है क्योंकि मैंने अपना पहला टेस्ट शतक यहां लगाया था। वहां से यह जुड़ाव शुरू हुआ।

कोहली ने माना कि इस सीरीज में पहले की तरह छींटाकशी जैसी चीजें नहीं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि सीमा को लांघा नहीं जाएगा और प्रतिस्पर्धा को बनाए रखा जाएगा।

उन्होंने कहा, पहले जैसा होता था कि टीमें सीमा लांघ जाती थीं इस बार ऐसा नहीं हो रहा है, लेकिन फिर भी यह प्रतिस्पर्धी खेल है क्योंकि आखिरकार अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट है। हम उम्मीद नहीं करते कि खिलाड़ी यहां आएं और गेंद फेंक कर चले जाएं।

कोहली ने ऐसे संदेश दिए हैं कि दोनों टीमों के बीच स्वास्थय प्रतिस्पर्धा होगी लेकिन आचार संहिता को लांघा नहीं जाएगा जैस की पहले की सीरीज में हुआ है।

भारतीय कप्तान ने कहा, जाहिर सी बात है कि ऐसी स्थितियां आएंगी जहां आपको बल्लेबाज को दबाव में लाना होगा, लेकिन सीमा लांघना इसके लिए जरूरी नहीं है।

बॉल टेम्परिंग विवाद के बाद आस्ट्रेलियाई टीम की मानसिकता के बारे में कोहली ने कहा, मैं नहीं समझता की जो कुछ भी हुआ उसके बाद किसी भी टीम को पूरी तरह से नाकारात्मक होना चाहिए।

उन्होंने कहा, हालांकि प्रतिस्पर्धा वहां रहेगी क्योंकि आपको अंतत: खिलाड़ी को आउट करना है। अगर स्थिति आपकी तरह रहती है और आप इसे तब समझते हैं जब आपकी विपक्षी टीम का अहम खिलाड़ी आपके सामने है तो आप उसके खिलाफ कड़ा रूख अपनाओगे। चाहे वह आपकी शारीरिक भाषा हो या आप चाहें एक-दो शब्द कह दें।

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