जगन्नाथ पूरी यात्रा पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, कहा- यात्रा की अनुमति देंगे तो भगवान हमें माफ नहीं करेंगे

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Rajpath Desk : सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए जगन्नाथ पूरी की रथ यात्रा पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने यह आदेश एक याचिका पर सुनवाई के बाद दिया है। सुप्रीमकोर्ट के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता में बैठी तीन सदस्यीय खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की थी। लोगों की सुरक्षा एवं जनहित के लिए रथयात्रा को बंद करने की बात कही गई है।

महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा इस साल नहीं होगी। इस साल पुरी रथयात्रा को स्थगित रखने के लिए सुप्रीमकोर्ट ने निर्देश दिया है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए रथ नहीं खींचा जाएगा इसलिए मंदिर परिसर में परंपरा को बचाने के लिए केवल सेवकों के द्वारा यह पर्व सम्पन्न किया जाएगा।

वहीं मंदिर संचालन कमेटी ने कहा कि बिना भक्तों के रथयात्रा करना श्रद्धालुओं की भक्ति भावना को ठेस पहुंच रही है, मगर जनसमाग को रथयात्रा में शामिल होने की अनुमति देना उचित नहीं है। ऐसे में इस बार बारीपदा के हरिबलदेव का रथ, बाहुड़ा यात्रा हर बार की ही तरह करना सम्भव नहीं है। इसलिए इस बार मात्र सेवकों के सहयोग से मंदिर के अंदर ही रथयात्रा यहां सम्पन्न की जाएगी।

यह यात्रा 23 जून को निकलने वाली थी, जिसमें लगभग 10 लाख लोगों के शामिल होने का अनुमान लगगाया जा रहा था। आउटलुक की एक रिपोर्ट के अनुसार पुरी में 284 साल में ऐसा पहली बार होगा, जब जगन्नाथ रथयात्रा नहीं निकाला जायेगा।

हालांकि 8 मई को इस यात्रा के लिए गृह मंत्रालय ने इजाजत दी थी। मंत्रालय ने कुछ शर्तों के साथ यह इजाजत दी थी। वहीं पूरे शहर में 144 लागू कर यात्रा निकालने की तैयारी हो रही थी। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि अगर हम इस साल रथ यात्रा की अनुमति देंगे तो भगवान जगन्नाथ हमें माफ नहीं करेंगे। महामारी के दौरान इतना बड़ा समागम आयोजित नहीं हो सकता है। नागरिकों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित को ध्यान में रखते हुये इस साल पुरी में रथ यात्रा की अनुमति नहीं दी जा सकती।