नई दिल्ली : विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और नेपाल के उनके समकक्ष प्रदीप कुमार ग्यावली के बीच गुरुवार को यहां हुई एक बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच रिश्तों में हुई हालिया प्रगति पर विचार-विमर्श किया गया। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, दोनों मंत्रियों ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न क्षेत्रों में हुई हालिया प्रगति की समीक्षा की, जिनमें कृषि, रेलवे और अंतर्देशीय जलमार्ग के क्षेत्र में 2018 में शुरू की गई।

तीन परिवर्तनकारी योजनाओं में हुई प्रगति शामिल है। साथ ही, मौजूदा द्विपक्षीय विकास और संपर्क की परियोजनाओं के कार्यान्वयन की भी समीक्षा की गई। विदेश मंत्रालय ने कहा, उन्होंने पिछले कुछ महीनों के दौरान सभी स्तरों पर द्विपक्षीय आदान-प्रदान बढ़ने के फलस्वरूप सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में हुई महत्वपूर्ण प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।

बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने नई रफ्तार को कायम रखने और दोनों देशों के बीच परंपरागत रूप से करीबी और दोस्ताना रिश्तों को आगे मजबूती प्रदान करने को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

पिछले साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेपाल दौरे के साथ भारत ने नेपाल के साथ अपने रिश्तों को नया आयाम प्रदान किया। और बाद में नेपाल के प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली के भारत दौरे से रिश्तों में मजबूती आई।

इन दौरों के दौरान दोनों देशों ने व्यापार, आर्थिक संबंध, जल, थल और वायु मार्ग से संपर्क और आपस में नागरिकों के बीच संबंध बढ़ाने पर सहमति जताई। मोदी ने घोषणा करते हुए कहा कि भारत नेपाल के विकास में शेरपा की तरह काम करेगा।

गौरतलब है कि ओली के पूर्व कार्यकाल के दौरान अक्टूबर 2015 से लेकर अगस्त 2016 के दौरान भारत और नेपाल बीच रिश्तों में तब खटास आ गया जब नई दिल्ली पर सीमा बंद करने का दोषारोपण किया गया था। धारणा यह भी थी ओली का झुकाव भारत के बजाए चीन की तरफ ज्यादा है।

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