शिमला : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने रविवार को कहा कि सरकार मंडी जिले में सतलुज नदी के किनारे बसे तत्तापानी गांव में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और प्राकृतिक गर्म पानी के झरनों को फिर से बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की राजधानी से 52 किलोमीटर दूर स्थित तत्तापानी में गर्म झरनों और गर्म स्नान को बरकरार रखने का मुद्दा जल्द ही राष्ट्रीय थर्मल पावर कार्पोरेशन (एनटीपीसी) और सतलज जल विद्युत निगम लिमिटेड के सामने उठाया जाएगा।
बिलासपुर जिले में 800 मेगावाट की कोल्डम पनबिजली परियोजना के लिए एनटीपीसी द्वारा बांध के निर्माण के बाद 2015 में तत्तापानी गांव के गर्म पानी के झरने जलमग्न हो गए थे।
ठाकुर ने कहा कि माहुनाग, कामरुनाग, शिकारी देवी और रेवालसर जैसे धार्मिक स्थानों को केंद्र सरकार की सहायता से विकसित किया जाएगा ताकि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके।
मुख्यमंत्री ने तत्तापानी में आयोजित मकर संक्रांति महोत्सव को जिला स्तरीय महोत्सव घोषित किया।
इससे पहले उन्होंने एक स्वास्थ्य शिविर का उद्धघाटन किया जिसको शिमला के इंदिरा गांधी चिकित्सा कॉलेज और अस्पताल के चिकित्सकों ने लगाया था।

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