सरकार स्टार्टअप के मुद्दों के समाधान के लिए समिति गठित करेगी

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पणजी: उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) स्टार्टअप उद्योग और वेंचर कैपिटलिस्ट्स द्वारा उठाए गए मुद्दों को सुलझाने के लिए दो उच्चाधिकार प्राप्त समितियां गठित करेगा।

मौजूदा समय में वेंचर कैपिटलिस्ट्स के साथ आदान-प्रदान की कोई व्यवस्थिति प्रणाली नहीं है। स्टार्टअप ने आरबीआई और सेबी के कुछ सर्कुलर पर, सीबीडीटी और जीएसटी स्पष्टीकरण, कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्रालय, फार्माश्युटिकल सेक्टर्स पर मंत्री के साथ विभिन्न मुद्दे उठाए हैं।

डीपीआईआईटी के सचिव गुरु प्रसाद मोहपात्रा ने आईएएनएस से खास बातचीत में कहा कि यह तय किया गया है कि प्रारंभ में प्रत्येक दो महीने पर और उसके बाद प्रत्येक तीन महीने पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में एक समीक्षा परिषद का गठन किया जाएगा, जिसमें वित्त, कारपोरेट मामले के सचिव, सीबीडीटी और सीबीईसी, आरबीआई, सेबी, वित्त सेवा विभाग के अध्यक्ष, वेंचर कैपिटल एसोसिएशन के सदस्य और स्टार्टअप शामिल होंगे।

मोहपात्रा ने आगे कहा कि उद्योग -वेंचर कैपिटलिस्ट और स्टार्टअप- द्वारा उठाए गए मुद्दों का परीक्षण किया जाएगा, यदि वे बजट पूर्व के मुद्दे या जारी रहने वाले दीर्घकालिक मुद्दे लेकर आएंगे। उन्होंने कहा, हम उन मुद्दों को सुलझाने के लिए एक अधिकार प्राप्त समूह गठित करेंगे।

सचिव ने कहा, सर्वोच्च समिति की अध्यक्षता वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री करेंगे। एक समिति की अध्यक्षता मैं करूंगा। हम जल्द ही राजस्व, वित्त सेवा विभाग, कॉरपोरेट मामले मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, सीबीडीटी, सीबीआईसी, सेबी, आरबीआई के साथ अंतरमंत्रालयी चर्चा के लिए एक बैठक बुलाएंगे, जिसमें स्टार्टअप द्वारा उठाए गए मुद्दों का परीक्षण किया जाएगा।