भुवनेश्वर:केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने रविवार को कहा कि ओडिशा के कोरापुट जिले में नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को हस्तांतरित कर देना चाहिए।
प्रधान ने कहा, कुंदुली की नाबालिग जनजातीय लड़की, जिसके साथ कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म किया गया था, उसने न्याय न मिलने के कारण आत्महत्या कर ली। इस मामले में राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन आरोपी हैं।
प्रधान ने आरोप लगाया, फॉरेंसिक रपट में हेरफेर की खबरें इससे पहले अंजना मिश्रा सामूहिक दुष्कर्म के मामले में भी आई थीं। एक दलित लड़की के साथ दुष्कर्म के बाद जब साबित हो गया और ओडिशा पुलिस और पुलिस महानिदेशक के खिलाफ आरोप लगे तो मुख्यमंत्री इन सबसे अंजान बने रहे।
पिछले साल अक्टूबर में एक नाबालिक लड़की के साथ कथित रूप से सुरक्षाकर्मियों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। इंसाफ न मिलने के बाद पिछले सप्ताह उसने अपने घर पर फांसी लगा ली।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जबतक मृतका को न्याय नहीं मिल जाता तबतक भाजपा इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी।
आरोपों को नकारते हुए बीजू जनता दल के अध्यक्ष अमर प्रसाद सतपथी ने विधानसभा में खड़े होकर कहा कि राज्य सरकार पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सतपथी ने कहा, न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। कुंदुली घटना एक बेहद संवेदनशील मामला है और किसी को इस मामले पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कई मामले सीबीआई को हस्तांतरित किए गए हैं, लेकिन राज्य के लोग अभी भी कार्रवाई से अनजान हैं।
सतपथी ने कहा, सीबीआई जांच की मांग करना भाजपा के अभियान का एक हिस्सा है और मुझे लगता है कि न्यायिक जांच ही सबसे सही विकल्प है।

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