दिल्ली में 3 किशोरों की मौत : हत्या या हादसा? घेरे में पुलिस!

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नई दिल्ली : मध्य दिल्ली स्थित दिल्ली गेट इलाके में हुए भीषण सड़क हादसे में तीन नाबालिगों की मौत को लेकर इलाके में रोष का माहौल है। पीड़ित परिवार इस बात से नाराज हैं कि अगर सड़क हादसा संदिग्ध नहीं है तो फिर दिल्ली पुलिस 15-20 घंटे बाद भी आखिर सीसीटीवी फुटेज उन्हें क्यों नहीं दिखा रही है?

उधर बजरिये मीडिया, जमाने भर को शनिवार की रात और रविवार को दिन निकलते ही पता लग चुके, इस हृदय विदारक घटना की जानकारी देने के लिए करीब 16 घंटे बाद संबंधित जिले के डीसीपी और दिल्ली पुलिस के मुख्य प्रवक्ता मंदीप सिंह रंधावा दोपहर करीब पौने दो बजे मुख्यालय पहुंच पाए।

उल्लेखनीय है कि शनिवार की रात मध्य दिल्ली जिले में स्कूटी सवार तीन किशोरों- साद, हजमा और ओसामा की मौत हो गई। तीनों बिना हेलमेट ही स्कूटी में पेट्रोल भरवाने के लिए पेट्रोल पंप गए थे। वापसी में संदिग्ध सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई।

मौके पर पहुंचे पीड़ित परिजनों ने पुलिस पर खुलेआम आरोप लगाया कि पुलिस अगर बेदाग है तो फिर वो घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने लाकर दिखाने से क्यों कतरा रही है? पीड़ित परिजनों के मुताबिक, यह महज सड़क हादसे में तीन नाबालिगों की जान चले जाने भर का विषय या मुद्दा नहीं है। दरअसल, तीनों स्कूटर सवारों का पीछा पुलिस कर रही थी। पुलिस से बचने के चक्कर में ही लड़कों ने स्कूटी भगाई और तभी हादसा हो गया।

कथित सड़क हादसे में जान गंवाने वाले तीनों किशोर आपस में रिश्तेदार हैं। वे तीनों घटना वाली रात तुर्कमान गेट इलाके में एक समारोह में पहुंचे हुए थे। उसी दौरान एक लड़का पिता की स्कूटी लेकर अपने बाकी दोनों रिश्तेदारों के साथ पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने जा पहुंचा। वापसी के वक्त यह हादसा पेश आया, जिसमें तीनों जान गंवा बैठे।

हादसे की खबर रात में ही सोशल मीडिया और इलाकाई लोगों के जरिये समारोह स्थल पर भी फैल गई। सुबह होते ही मीडिया के जरिये इस दर्दनाक हादसे की खबर चारों ओर फैलते देर नहीं लगी। यह अलग बात है कि जो खबर जमाने में फैल चुकी थी, जिस हादसे ने तीन घरों की खुशियां छीन ली थीं और पुरानी दिल्ली के अधिकांश इलाकों में जिन हृदय विदारक मौतों को लेकर कोहराम मचा हुआ था, उस खबर की आधिकारिक पुष्टि करने की याद मध्य दिल्ली जिला डीसीपी और दिल्ली पुलिस के मुख्य प्रवक्ता मंदीप सिंह रंधावा को 16 घंटे बाद आई।

रविवार को दोपहर बाद डेढ़ बजे के आसपास मीडिया से मुखातिब हुए डीसीपी रंधावा ने कहा, घटना रात साढ़े दस बजे की है। पुलिस के पहुंचने से पहले ही तीनों को अस्पताल पहुंचाया जा चुका था। हमने क्राइम और फॉरेंसिक टीम से मौका मुआयना कराया। परिवार के लोग कुछ शक जाहिर कर रहे थे, पर ऐसा कुछ नहीं है। हमने उन्हें फैक्ट्स बताए हैं। कोई पुलिस की गाड़ी या कोई ट्रैफिक पुलिस पर्सन उस स्कूटी का पीछा नहीं कर रही थी। हमारे पास एफएसएल रिपोर्ट है। बाकी सबूत हैं। तीनों लड़के नाबालिग थे। सीसीटीवी फुटेज से भी जांच चल रही है। शुरुआती जांच में लग रहा है तेज स्पीड के चलते वे पोल से टकरा गए, जिससे उनके सिर में चोट आई।