नई दिल्ली :उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को संकेत दिया कि 2019 के आम चुनाव में उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा (समाजवादी पार्टी-बहुजन समाज पार्टी) गठबंधन में कांग्रेस भी शामिल होगी।

यह पूछे जाने पर कि अगले संसदीय चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश में बसपा के साथ पार्टी के प्रस्तावित गठबंधन में कांग्रेस की स्थिति क्या होगी? उन्होंने कहा, आज यहां बैटरी से चलनेवाली साइकिलें हैं.. ऐसी साइकिलें हैं, जिसमें कई पहिये होते हैं, मैनहट्टन की गलियों में आप ऐसी साइकिलें देख सकते हैं। आज के समय में एक साथ एक ही साइकिल को कई लोग चला सकते हैं और मिलकर वहां पहुंच सकते हैं, जहां उन्हें पहुंचना है। यह साइकिल मिलकर चलेगी।

साइकिल समाजवादी पार्टी का चुनाव चिन्ह है। पिछले विधानसभा चुनाव में 2017 में पार्टी ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था, लेकिन इस गठबंधन को हार का सामना करना पड़ा था। उसके बाद से अटकलें लगाई जा रही हैं कि कांग्रेस गैर-भाजपा गठबंधन का हिस्सा होगी या नहीं।

इंडिया टुडे माइंड रॉक्स 2018 कॉनक्लेव में यादव ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से उनकी अच्छी दोस्ती है और दोस्ती बरकरार है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी उनकी और राहुल की दोस्ती से भयभीत है।

यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ने की खबरें हैं, तो क्या सपा भी इसका हिस्सा बनेगी? उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है कि मध्य प्रदेश में कौन किसके साथ मिलकर चुनाव लड़ रहा है। लेकिन अगर दोनों दलों के बीच गठबंधन होता है तो जरूर हम (सपा) उसका हिस्सा बनेंगे।

यह पूछे जाने पर कि अतीत की कड़वी दुश्मनी को देखते हुए सपा, बसपा के साथ किस प्रकार जा सकती है? सपा प्रमुख ने कहा कि अगर भाजपा 40 दलों के साथ गठबंधन कर सकती है तो सपा के बसपा के साथ जाने में क्या बुराई है?

यादव परिवार में चल रहे झगड़े के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, सभी के परिवार में लड़ाई होती है, कौन-सा ऐसा परिवार है, जिसमें लड़ाई नहीं होती है?

वहीं, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चुटकी लेते हुए कहा, हां जिस आदमी का परिवार ही नहीं हो, वहां कैसे कोई लड़ाई हो सकती है।

भाजपा पर हमला बोलते हुए यादव ने कहा कि भाजपा विकास के नाम पर नहीं, बल्कि जाति और धर्म के नाम पर चुनाव लड़ती है। उन्होंने कहा, भाजपा विकास के नाम पर नहीं जीतती है, बल्कि जाति और धर्म की राजनीति के जरिए जीतती है।

उन्होंने दावा किया कि देशवासी बेसब्री से प्रधानमंत्री के बदलने का इंतजार कर रहे हैं।

 

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