तिरुवनंतपुरम: पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने शनिवार एक खुला पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ईसाई नर्स को बचाने वाले बयान पर आड़े हाथों लिया। प्रधानमंत्री ने कहा था कि वर्ष 2014 में युद्धग्रस्त इराक से 46 नर्सो को बचाया गया था, क्योंकि वे लोग ईसाई थे।
चांडी ने अपने पत्र में कहा है, आपने मेघालय में बहुसंख्यक ईसाई समुदाय को साधने के लिए यह बयान दिया। हमारे देश की विशिष्टता विविधता से है।
चांडी ने कहा, देशप्रेम हिंदुओं, ईसाइयों, सिखों, बौद्धों, जैनों और अन्य धर्मो के लोगों को मुश्किल व खुशी के समय में विभिन्न धार्मिक मतभेदों के बावजूद जोड़ता है। इस तरह का बयान देने से पहले आपको कम से कम अपने संविधान के बारे में सोचना चाहिए था।
चांडी मेघालय में गुरुवार को एक रैली के दौरान मोदी द्वारा दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। मोदी ने कहा था, यह भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी, जिसने इराक से नर्सो को सुरक्षित बाहर निकालकर केरल पहुंचाया था। वे सभी ईसाई थे।
चांडी ने कहा, दुनिया के सबसे बड़े धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र देश के प्रधानमंत्री होने के नाते, आपके शब्द अपमानजनक थे। 46 मलयाली नर्सो को तत्कालीन राज्य सरकार और भाजपानीत केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयास से बचाया गया था। मध्यपूर्व में मलयाली समुदाय ने भी इस बचाव अभियान में मदद की है।
उन्होंने कहा, नर्सो के परिवार के इस दर्द और चिंता का एक गवाह होने के नाते, हम सभी उसका हिस्सा थे, इसलिए नहीं कि वे ईसाई थे, बल्कि हमारे लिए यह महत्वपूर्ण बात थी कि वे सभी भारतीय थे और बहुत ही मुश्किल में थे।
इराक से नर्सो को जब सुरक्षित स्वदेश लाया गया था, उस समय चांडी केरल के मुख्यमंत्री थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here