हैदराबाद : बाबरी मस्जिद विध्वंस की 26वीं बरसी हैदराबाद में गुरुवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण गुजर गई।

विभिन्न मुस्लिम संगठनों द्वारा बुलाए गए बंद की पुराने हैदराबाद शहर में आंशिक रूप से प्रतिक्रिया देखने को मिली। यहां कुछ दुकानें व व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। कुछ निजी स्कूल भी बंद रहे।

पुलिस ने दरगाह जिहाद-ओ-शादत के कार्यकर्ताओं की रैली निकालने की कोशिश को नाकाम कर दिया। ये अयोध्या में तोड़ी गई मस्जिद के पुनर्निर्माण की मांग कर रहे थे।

जनता दल (से) नेताओं ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्हें 16वीं सदी की बाबरी मस्जिद स्थल पर पुनर्निर्माण की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से एक विरोध प्रदर्शन नहीं करने दिया जा रहा है।

यूनाइटेड मुस्लिम फोरम (एमयूएफ) ने मुस्लिमों से शांतिपूर्ण तरीके से बंद का पालन करने का आह्वान किया।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) एमयूएफ का एक हिस्सा है। एआईएमआईएम बंद के आह्वान के संयुक्त बयान की हस्ताक्षरकर्ता नहीं है, ऐसा पार्टी ने शुक्रवार को होने वाले तेलंगाना विधानसभा चुनावों के मद्देनजर किया है।

ऐतिहासिक मक्का मस्जिद व पुराने शहर के दूसरे संवेदनशील जगहों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

मुस्लिम संगठन वहदत-ए-इस्लामी ने सईदाबाद इलाके में एक सार्वजनिक सभा का आयोजन किया। इसके नेता मौलाना मोहम्मद नसीरुद्दीन ने कहा कि छह दिसंबर भारतीय मुस्लिमों के लिए काला दिवस है।

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